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भोपाल / राजधानी भोपाल के एमएलबी कॉलेज में आज राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले सामने आए। आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया रहाटकर ने प्रदेश की महिलाओं की पीड़ा सुनी और मौके पर मौजूद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

🚨 “मेरे ही कमरे में बहन के साथ संबंध बनाता है पति”
जनसुनवाई में एक महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए सबको झकझोर कर रख दिया। महिला का आरोप है कि:
- उसका पति उसके ही सामने अपनी सगी बहन के साथ अनैतिक संबंध बनाता है।
- ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों से शिकायत करने पर भी कोई समाधान नहीं मिला।
- पुलिस की लापरवाही: महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की और उसे दुत्कार कर भगा दिया।
- आयोग का एक्शन: अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों को तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
🏢 सरकारी विभाग में प्रताड़ना: 9 साल से न्याय का इंतज़ार
मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ की एक महिला कर्मचारी ने भी अपनी पीड़ा साझा की।
- आरोप: उपयंत्री प्रवीण माथुर पिछले 9 वर्षों से महिला को प्रताड़ित कर रहे हैं।
- मिलीभगत: आंतरिक जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद विभाग के बड़े अधिकारी आरोपी को बचा रहे हैं।
- डर: आरोपी अप्रैल 2026 में रिटायर होने वाला है, जिससे पीड़िता को डर है कि वह बिना सजा पाए बच निकलेगा।
📍 जनसुनवाई की अन्य प्रमुख बातें
- पीछा करने की शिकायत: एक महिला अपने एक साल के बच्चे को लेकर पहुंची और बताया कि 2025 से कोई उसका पीछा कर रहा है, लेकिन पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही।
- गुलदस्ते के साथ सुलह: करोंद क्षेत्र के सुधीर राय की पत्नी का विवाद सुलझने पर आयोग की अध्यक्ष ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
- 50 मामलों पर सुनवाई: भोपाल बेंच के सामने करीब 50 गंभीर मामले आए, जिनमें कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी में त्वरित निराकरण के प्रयास किए गए।
⚠️ अधिकारियों में दिखा ‘प्रोटोकॉल’ का खौफ
पिछले साल की नाराजगी को देखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और उनकी पूरी टीम आयोग अध्यक्ष के पहुंचने से पहले ही आयोजन स्थल पर मौजूद थी। पिछली बार कलेक्टर के देर से पहुंचने पर आयोग ने ‘प्रोटोकॉल’ उल्लंघन को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी।
💬 अध्यक्ष का बयान
“कई महिलाएं दिल्ली स्थित आयोग के दफ्तर तक नहीं पहुंच पातीं, इसलिए हम खुद उनके बीच आए हैं। जिन राज्यों में राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष का पद रिक्त है, वहां राष्ट्रीय आयोग खुद पहुंचकर न्याय सुनिश्चित कर रहा है।”
— विजया रहाटकर, अध्यक्ष, राष्ट्रीय महिला आयोग




