Drnewsindia
कलेक्टर की सख्त हिदायत— “बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के नहीं कटेगा किसी का नाम, जांच जारी”
भोपाल | 30 जनवरी, 2026
भोपाल की सात विधानसभा सीटों पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए बड़े पैमाने पर फार्म-7 (Form-7) जमा किए गए हैं, जिनमें से कई आपत्तियों के फर्जी होने की आशंका जताई जा रही है।

कलेक्टर का आश्वासन: कोई पात्र मतदाता नहीं छूटेगा
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया है कि प्रत्येक फार्म-7 का बीएलओ (BLO) और एआरओ (ARO) द्वारा भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जा रहा है। पूरी जांच के बाद ही कोई नाम हटाया जाएगा, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार न छिने।
स्टैंडिंग कमेटी की बैठक: ‘शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की रीढ़’
शुक्रवार को विशेष रोल पर्यवेक्षक श्रुति सिंह की अध्यक्षता में जिला स्टैंडिंग कमेटी की बैठक हुई। बैठक के मुख्य बिंदु:
- पारदर्शिता: श्रुति सिंह ने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना निर्वाचन अधिकारियों और राजनीतिक दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
- जागरूकता: दलों से अपील की गई कि वे नागरिकों को जागरूक करें ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सूची से बाहर न रहे।
आंकड़ों की जुबानी: भोपाल जिले की स्थिति
कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, पुनरीक्षण कार्य के आंकड़े इस प्रकार हैं:
| श्रेणी | विवरण | संख्या |
| कुल मतदाता | 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति में | 21,25,908 |
| फार्म-6 | नए नाम जुड़वाने हेतु आवेदन | 80,892 |
| फार्म-8 | जानकारी में संशोधन हेतु आवेदन | 47,493 |
| फार्म-7 | नाम हटाने हेतु (आपत्तियां) | 10,143 |
| सत्यापन | अब तक पूर्ण सत्यापन | ~36,000 |
एसआईआर (SIR) के दो चरणों की प्रगति
- प्रथम चरण: 16 लाख से अधिक मतदाताओं का 2003 की सूची से मिलान किया गया। इसमें 1.16 लाख मतदाता ‘नो-मैपिंग’ और 46 हजार ‘एएसडी’ (अनुपस्थित/स्थानांतरित/मृत) श्रेणी में मिले।
- द्वितीय चरण: अब तक 32 हजार नोटिस जारी किए जा चुके हैं और 42 हजार से अधिक प्रकरणों की सुनवाई पूरी हो चुकी है।




