drnewsindia.comविदिशा/भोपाल: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता से लोगों का दिल जीत लिया है। भोपाल से ग्वालियर जाते समय रास्ते में एक सड़क हादसे को देख मंत्री ने न केवल अपना वीवीआईपी (VVIP) काफिला रुकवाया, बल्कि प्रोटोकॉल तोड़कर घायल युवक की मदद के लिए सड़क पर उतर आए।
घटनाक्रम: जब अचानक रुक गया मंत्री का काफिला
हादसा उस समय हुआ जब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला भोपाल-ग्वालियर हाईवे से गुजर रहा था। रास्ते में एक युवक सड़क दुर्घटना का शिकार होकर लहूलुहान हालत में तड़प रहा था।
- तत्काल एक्शन: घायल को देखते ही शिवराज सिंह चौहान ने तुरंत गाड़ी रोकने का निर्देश दिया।
- खुद संभाला मोर्चा: मंत्री जी गाड़ी से नीचे उतरे, घायल युवक के पास पहुंचे और उसका हाल जाना।
- अपनी गाड़ी से मदद: एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय, उन्होंने अपने काफिले की गाड़ी से घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए।
⭐ मिसाल: ‘सियासत से ऊपर इंसानियत’
यह पहली बार नहीं है जब शिवराज सिंह चौहान ने इस तरह की मिसाल पेश की हो। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए भी वे कई बार प्रोटोकॉल छोड़कर आम जन की मदद के लिए सड़क पर उतरे हैं।
“राजनीति अपनी जगह है, लेकिन सबसे पहले हम इंसान हैं। किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म है।” – शिवराज सिंह चौहान (तस्वीरों में घायल की मदद करते हुए)
📢 सोशल मीडिया पर जमकर हो रही तारीफ
इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग उनके इस कदम की सराहना करते हुए उन्हें ‘जमीन से जुड़ा नेता’ और ‘जनता का मामा’ बता रहे हैं।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| नेत्री का नाम | शिवराज सिंह चौहान (केंद्रीय कृषि मंत्री) |
| लोकेशन | भोपाल-ग्वालियर मार्ग |
| कार्य | घायल को अपनी गाड़ी से अस्पताल भिजवाया |
| संदेश | वीवीआईपी कल्चर से ऊपर मानवीय संवेदनाएं |
⚠️ सड़क दुर्घटना में आप भी निभाएं जिम्मेदारी
कृषि मंत्री के इस कदम ने समाज को एक बड़ा संदेश दिया है। ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के पहले एक घंटे) में अगर घायल को इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना 80% बढ़ जाती है।




