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MP Weather Update: मध्य प्रदेश में अप्रैल की तपिश की जगह अब आसमान से राहत और आफत की बूंदें बरस रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 4 दिनों तक प्रदेश में मौसम अस्थिर बना रहेगा। 7 अप्रैल से सक्रिय होने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) इस असर को और ज्यादा तीव्र कर सकता है।
🌬️ 24 जिलों में आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट
सोमवार को मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, और बुंदेलखंड सहित कई संभागों में चेतावनी जारी की है।
इन जिलों में विशेष सावधानी की जरूरत:
- ग्वालियर-चंबल: ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी।
- विंध्य और बुंदेलखंड: रीवा, सीधी, सतना, छतरपुर, सागर।
- महाकौशल: जबलपुर, शहडोल, मंडला, बालाघाट।
चेतावनी: इन क्षेत्रों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
❄️ पिछले 48 घंटों का हाल: ओलावृष्टि ने बदला मिजाज
अप्रैल की शुरुआत में ही प्रदेश ने कड़ाके की गर्मी के बजाय मानसून जैसा अहसास किया। 4 और 5 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिरे:
- ओलावृष्टि: ग्वालियर, शिवपुरी, मंदसौर, भिंड और दतिया में जमकर ओले पड़े।
- खतरनाक हवाएं: जबलपुर में 59 किमी/घंटा, सागर में 54 और बड़वानी में 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं दर्ज की गईं।
🌾 राहत भी और चिंता भी
लगातार बदल रहे इस मौसम ने आम जनता को चिलचिलाती गर्मी से तो राहत दी है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी या कटकर रखी फसलों को ओले और बारिश से भारी नुकसान होने की आशंका है।
⚠️ सावधान रहें!
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि:
- गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- बिजली के खंभों और ऊंचे ढांचों से दूर रहें।
- आंधी के समय वाहन सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें।




