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स्थान: भोपाल/मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्से इस समय भीषण शीतलहर (Cold Wave) और घने कोहरे (Dense Fog) की चपेट में हैं। हिमालय की ओर से आ रही सर्द हवाओं ने पूरे प्रदेश को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में कुदरत का अद्भुत लेकिन कठोर रूप देखने को मिला, जहाँ शुक्रवार की सुबह घास के मैदानों और पेड़ों की पत्तियों पर ओस की बूंदें बर्फ की सफेद चादर के रूप में जमी नजर आईं।

प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान (°C)
| शहर | न्यूनतम तापमान |
| ग्वालियर | 6.8°C |
| भोपाल | 7.0°C |
| इंदौर | 9.0°C |
| उज्जैन | 9.0°C |
| जबलपुर | 9.0°C |
1. तापमान का विश्लेषण: पचमढ़ी और ग्वालियर सबसे ठंडे
पूरे प्रदेश में रात का तापमान तेजी से गिरा है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है।
- प्रमुख शहरों का तापमान: ग्वालियर में पारा 6.8 डिग्री रहा, जबकि राजधानी भोपाल में यह 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
- शीतलहर का प्रभाव: रीवा, शिवपुरी, खजुराहो, नौगांव और दतिया जैसे शहरों में पारा 5.5 से 6.2 डिग्री के बीच रहा, जिससे यहाँ “सिवियर कोल्ड” जैसे हालात बन गए हैं।
2. कोहरे की चादर और परिवहन पर प्रभाव
शुक्रवार सुबह प्रदेश के 20 से अधिक जिले घने कोहरे की चपेट में रहे। भोपाल के बड़ा तालाब से लेकर मंडला के माहिष्मती घाट तक, दृश्यता (Visibility) इतनी कम थी कि 50 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो गया।
- सड़क यातायात: सड़कों पर विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण वाहन चालकों को दिन में भी फॉग लाइट और हेडलाइट्स का सहारा लेना पड़ा। हाईवे पर लंबी दूरी की बसों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है।
- रेलवे पर मार: दिल्ली और उत्तर भारत की ओर से आने वाली ट्रेनें कोहरे के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। शताब्दी, पंजाब मेल, झेलम और मालवा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
3. जनजीवन और प्रशासन की तैयारी
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
- अलाव का सहारा: शहरों और ग्रामीण इलाकों में लोग सुबह-शाम अलाव जलाकर ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं। नर्मदापुरम और ग्वालियर में प्रशासन ने रैन बसेरों की व्यवस्था पुख्ता की है।
- स्कूलों के समय में बदलाव: मऊगंज और कुछ अन्य जिलों में प्रशासन ने छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कक्षा 8वीं तक के स्कूलों का समय सुबह 10 बजे के बाद करने का आदेश दिया है।
- स्वास्थ्य संबंधी सावधानी: स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों और हृदय रोगियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक ठंड में ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है, इसलिए सुबह की सैर के समय विशेष सावधानी बरतें।
4. कृषि क्षेत्र पर मिश्रित प्रभाव
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड फसलों के लिए अलग-अलग परिणाम लेकर आई है:
- गेहूं और सरसों के लिए वरदान: मुरैना और ग्वालियर चंबल क्षेत्र में गिरता पारा गेहूं और सरसों की फसल की ग्रोथ के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है।
- पाले (Frost) का खतरा: डिंडौरी और पचमढ़ी जैसे इलाकों में, जहाँ तापमान 4 डिग्री के पास है, वहाँ ‘पाला’ पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यदि पाला पड़ता है, तो अरहर और सब्जियों की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
5. पर्यटन और प्राकृतिक दृश्य
भीषण ठंड के बावजूद पर्यटकों के उत्साह में कमी नहीं आई है। रायसेन के किले की पहाड़ियों और भोपाल के बड़े तालाब पर लोग कोहरे और सूर्योदय के मनमोहक दृश्यों का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। पचमढ़ी में जमी ओस पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।




