महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण बनी यह पंचायत, राज्यपाल ने की सराहना

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सीहोर | भैरूंदा तहसील के ग्राम मोगराखेड़ा से खास रिपोर्ट

सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के ग्राम मोगराखेड़ा में आयोजित जनजातीय विकास सशक्तिकरण सम्मेलन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सिकल सेल जैसी गंभीर अनुवांशिक बीमारी को जनजातीय समाज के विकास में बड़ी बाधा बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बीमारी को वर्ष 2047 तक समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय मिशन की शुरुआत की है, जिसकी नींव 2023 में शहडोल जिले से रखी गई थी।

राज्यपाल ने कहा कि विवाह से पहले सिकल सेल की जांच बेहद जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस बीमारी से बचाया जा सके। उन्होंने शिक्षा को बदलाव की सबसे मजबूत नींव बताया और कहा कि शिक्षा से ही परिवार, समाज और देश का विकास संभव है। हर बच्चे को शिक्षा के समान अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि शिक्षित बच्चे ही आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव रखते हैं।

पारंपरिक स्वागत, सांस्कृतिक रंग

कार्यक्रम में राज्यपाल का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों से स्वागत किया गया। स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

पूरी तरह महिला प्रतिनिधित्व वाली पंचायत

राज्यपाल ने ग्राम के नवनिर्मित पंचायत भवन का निरीक्षण किया और सभाकक्ष में महिला पंचों के साथ गांव की विकास गतिविधियों पर चर्चा की। उन्हें बताया गया कि यह पंचायत पूरी तरह महिला प्रतिनिधित्व वाली है, जहां सरपंच सहित सभी पंच महिलाएं हैं और सभी निर्विरोध चुनी गई हैं।

राज्यपाल ने इसे महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण बताते हुए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही पंचायत का समग्र विकास संभव है।

कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में राज्य जनजातीय वित्त विकास निगम की अध्यक्ष निर्मला बारेला ने भी संबोधित किया। इस मौके पर जनपद अध्यक्ष मंजू अवध पटेल, जनपद सदस्य मेहरबान सिंह, सरपंच फिरका कैलाश बारेला, कलेक्टर बालागुरू के., एसपी दीपक कुमार शुक्ला, जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, एसडीएम सुधीर कुशवाह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

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