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छिंदवाड़ा/माचागोरा: किसानों और मजदूरों के हक की आवाज बुलंद करने के लिए आगामी 2 अप्रैल 2026 को ग्राम माचागोरा में एक विशाल ‘किसान मजदूर पंचायत’ का आयोजन होने जा रहा है। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस महापंचायत में पेंच व्यपवर्तन और अडानी पेंच पावर प्रोजेक्ट से प्रभावित विस्थापितों को न्याय दिलाने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की मांगों पर हुंकार भरी जाएगी।
28 वर्षों का संघर्ष: सुप्रीम कोर्ट से सड़क तक की लड़ाई
किसान संघर्ष समिति पिछले 28 वर्षों से एडवोकेट आराधना भार्गव के नेतृत्व में सक्रिय है। समिति का स्पष्ट कहना है कि आंदोलन के दौरान मुकदमे, जेल और जिला बदर जैसी कार्यवाहियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी है। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी के साथ बैठकों का दौर जारी है, जिससे विस्थापितों को आदर्श पुनर्वास नीति 2002 के तहत हक मिलने की उम्मीद जगी है।
देशभर के दिग्गज नेता होंगे शामिल
इस पंचायत में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि देश और प्रदेश के कई बड़े किसान नेता शिरकत करेंगे:
- महाराष्ट्र से: हुसैन खान (शेतकरी विकास मंच) और प्रशांत गावंडे (शेतकरी जागर मंच)।
- प्रदेश स्तर से: प्रहलाददास बैरागी (भोपाल), संदीप ठाकुर (सागर), बबलू जाधव (इंदौर) समेत रीवा, ग्वालियर और देवास के प्रतिनिधि।
प्रमुख मांगें जिन पर होगी चर्चा:
पंचायत में केंद्र और राज्य सरकार के सामने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी जाएंगी:
- संपूर्ण पुनर्वास: आदर्श पुनर्वास नीति 2002 को पूर्णतः लागू करना।
- MSP की गारंटी: सभी फसलों पर $C2+50\%$ के फॉर्मूले पर कानूनी गारंटी।
- विधेयक वापसी: बिजली संशोधन विधेयक और बीज विधेयक 2025 को तत्काल वापस लेना।
- मजदूरी हक: न्यूनतम मजदूरी 26,000 रुपये प्रति माह और मनरेगा के तहत 700 रुपये दैनिक मजदूरी की गारंटी।
- कर्जा मुक्ति: किसानों को पूरी तरह कर्ज मुक्त करना और भारत-अमरीका कृषि समझौते को रद्द करना।
‘करो या मरो’ की स्थिति
आयोजन समिति का कहना है कि बीज और बिजली के निजीकरण से खेती ‘घाटे का सौदा’ बनती जा रही है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशव्यापी आंदोलनों की कड़ी में मध्य प्रदेश का यह सिलसिला माचागोरा से शुरू होकर 13 अप्रैल तक चलेगा।
विशेष: पंचायत में आने वाले सभी किसान साथियों के लिए भोजन की व्यवस्था आयोजन समिति द्वारा की गई है। समिति ने अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की है।




