“परीक्षा जीवन का पड़ाव है, अंतिम लक्ष्य नहीं”; CM ने विद्यार्थियों को दिया आत्मविश्वास और समय प्रबंधन का कारगर मंत्र
Drnewsindia.com/भोपाल

बोर्ड परीक्षाओं की घड़ी नजदीक आते ही विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को राजधानी के शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय पहुँचे। यहाँ “परीक्षा पर संवाद – 2026” कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल सफलता के सूत्र दिए, बल्कि एक अभिभावक और मनोविज्ञान विशेषज्ञ की तरह उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।
सफलता के 5 मुख्य सूत्र: जो CM ने छात्रों को बताए

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए आत्मविश्वास जगाने वाली ये महत्वपूर्ण बातें साझा कीं:
- तनाव को न होने दें हावी: परीक्षा की तैयारी मेहनत से करें, तनाव लेकर नहीं। तनाव प्रदर्शन को बिगाड़ता है, जबकि आत्मविश्वास निखारता है।
- पर्याप्त नींद और शेड्यूल: परीक्षा के समय भरपूर नींद लें और पढ़ाई का एक निश्चित टाइम-टेबल बनाएं।
- रटने के बजाय चिंतन: केवल अक्षर ज्ञान काफी नहीं है। जो पढ़ा है, उस पर चिंतन-मनन करें और शिक्षकों व मित्रों के साथ चर्चा करें।
- असफलता से सीखें: फेल होने या कम अंक आने के डर से घबराने के बजाय, उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सशक्त व्यक्तित्व की पहचान है।
- सवालों का चयन: परीक्षा हॉल में सबसे पहले उन प्रश्नों को हल करें जो आपको बहुत अच्छी तरह आते हैं।
छात्रों के सवाल और CM के दिलचस्प जवाब
मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर छात्र बेहद उत्साहित दिखे और बेझिझक अपनी बातें रखीं:
- लक्ष्मी तिवारी का सवाल: माता-पिता के दबाव पर CM ने कहा कि बच्चों और अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद होना जरूरी है।
- छात्र आदित्य की राय: आदित्य ने बताया कि सिलेबस को छोटे हिस्सों में बांटकर (Divide) रिवीजन करने से डर नहीं लगता।
- सरस्वती और तान्या का उत्साह: छात्राओं ने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी की बात मानती हैं कि ‘परीक्षा एक उत्सव है’ और पूरे आत्मविश्वास के साथ हॉल में प्रवेश करती हैं।
“आप देश का भविष्य हैं, देश की बागडोर आगे चलकर आपको ही संभालनी है। खुद को निखारें, अपने कौशल में सुधार करें और अपने सपनों को साकार करें।” — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
लीडर विथ लेटेस्ट नॉलेज”: स्कूल शिक्षा मंत्री
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए उन्हें ‘लीडर विथ लेटेस्ट नॉलेज’ बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सतत रूप से छात्रों की कठिनाइयों को समझकर निराकरण करते हैं।
(परीक्षा स्पेशल)
- सिलेबस का रिवीजन करें।
- संतुलित दिनचर्या अपनाएं।
- खुद पर सदैव विश्वास रखें।
- सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।




