drnewsindia.com
भोपाल/जबलपुर | 13 मार्च 2026 मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। थर्ड पार्टी ऑडिट एजेंसी (TPAA) की जांच रिपोर्ट के बाद प्रदेश के दो बड़े अस्पतालों—जबलपुर के लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल और ग्वालियर के एक अस्पताल को योजना से तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा अस्पतालों के क्लेम की नियमित समीक्षा के दौरान जबलपुर स्थित लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल की गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि अस्पताल:
- मरीजों को गलत श्रेणियों (Wrong Category) में भर्ती दिखा रहा था।
- गलत पैकेज लगाकर सरकार से अधिक पैसा वसूल रहा था।
- धोखाधड़ी कर अनुचित आर्थिक लाभ लिया जा रहा था।
चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरा अस्पताल
हैरानी की बात यह है कि लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल पर पहले भी इन्हीं गड़बड़ियों के कारण 46 लाख 99 हजार 990 रुपये का भारी जुर्माना लगाया जा चुका था। बार-बार चेतावनी और आर्थिक दंड के बावजूद अस्पताल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाया, जिसके चलते जनहित में अब उसे योजना से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है।
TPAA की रिपोर्ट पर गिरी गाज
यह कार्रवाई थर्ड पार्टी ऑडिट एजेंसी (TPAA) की विस्तृत जांच रिपोर्ट और पहले से प्राप्त शिकायतों के आधार पर की गई है। सरकार अब प्रदेश के अन्य सूचीबद्ध अस्पतालों के क्लेमों की भी बारीकी से जांच कर रही है ताकि गरीबों के हक का पैसा गलत हाथों में न जाए।
सरकार का संदेश: “आयुष्मान योजना गरीबों के इलाज के लिए है, न कि अस्पतालों की तिजोरी भरने के लिए। धोखाधड़ी करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।”




