युवाओं को बचाने 48 चेकिंग पॉइंट, सड़क हादसों में 61% पीड़ित 15–30 साल के

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Drnewsindia

भोपाल। नए साल की दस्तक से पहले भोपाल की सड़कों पर नगरीय यातायात पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। नशे में वाहन चलाने से होने वाले हादसों को रोकने और युवाओं की जान बचाने के उद्देश्य से शहर में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। 29 दिसंबर 2025 से शुरू इस अभियान के तहत फिलहाल 9 प्रमुख चौराहों पर ब्रीथ एनालाइजर से जांच की जा रही है, जबकि न्यू ईयर ईव और 1 जनवरी को शहरभर में करीब 48 चेकिंग पॉइंट लगाए जाएंगे।

यातायात पुलिस के अनुसार सड़क हादसों में सबसे ज्यादा प्रभावित 15 से 30 वर्ष आयु वर्ग है, जिसकी हिस्सेदारी कुल पीड़ितों में 61 प्रतिशत है। प्रदेश में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में 1.20 लाख से अधिक लोग घायल होते हैं। वर्ष 2025 में इंदौर, भोपाल और जबलपुर में सबसे अधिक सड़क हादसे दर्ज किए गए।

सड़क हादसों की मार सबसे ज्यादा युवाओं पर

  • 0 से 15 वर्ष: 4% (4,378 लोग)
  • 15 से 30 वर्ष: 61% (75,661 लोग)
  • 31 से 45 वर्ष: 25% (30,353 लोग)
  • 46 से 60 वर्ष: 9% (10,558 लोग)
  • 60 वर्ष से अधिक: 2% (2,913 लोग)

नशे में वाहन चलाने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 10 हजार रुपए तक जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नशे में वाहन न चलाएं और नियमों का पालन कर स्वयं व दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

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