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बजट के बड़े ऐलान: 10 लाख नौकरियां, 14 नए मेडिकल कॉलेज और बिना ब्याज का ऋण; जेवर एयरपोर्ट में अब होंगे 5 रनवे
लखनऊ | 11 फरवरी, 2026
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे विशाल 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश किया। यह पिछले साल की तुलना में 12% अधिक है। बजट की मुख्य थीम ‘सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम’ रखी गई है। 2027 के चुनाव से पहले इसे सरकार का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
बजट का गणित: कहाँ कितना खर्च?
सरकार ने विकास की गति तेज करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा दांव लगाया है।
| सेक्टर | बजट का हिस्सा (%) | प्रमुख लक्ष्य |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | 25% | जेवर एयरपोर्ट (5 रनवे), नार्थ-ईस्ट कॉरिडोर। |
| शिक्षा | 12.5 – 15% | फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन, 3 नई यूनिवर्सिटीज। |
| कृषि | 12% | मुफ्त बिजली, कुसुम योजना, छुट्टा गोवंश। |
| स्वास्थ्य | 6 – 8% | 14 नए मेडिकल कॉलेज, आयुष्मान भारत। |

युवाओं और महिलाओं के लिए ‘पिटारा’ खुला
- बेटियों की शादी: मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह योजना के तहत सहायता राशि 51 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी गई है।
- मेधावी स्कूटी योजना: छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए 400 करोड़ रुपए से स्कूटी बांटी जाएंगी।
- रोजगार: अगले एक साल में 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य।
- युवा उद्यमी: ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ के तहत 5 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण।
- डिजिटल शक्ति: छात्रों को फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन के लिए 2374 करोड़ रुपए आवंटित।
इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी: यूपी बनेगा ‘स्मार्ट’
- नार्थ-ईस्ट कॉरिडोर: 34 हजार करोड़ रुपए की लागत से गोरखपुर से नेपाल बॉर्डर होते हुए सहारनपुर तक कॉरिडोर बनेगा।
- स्मार्ट सिटी: केंद्र की तर्ज पर राज्य सरकार अपने बजट से 7 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करेगी।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): यूपी में एआई मिशन के लिए 225 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक प्रावधान।
- धार्मिक विकास: अयोध्या और नैमिषारण्य के कायाकल्प के लिए 100-100 करोड़ रुपए अलग से।
⚖️ विपक्ष का वार: “कागजी बजट और कयामत का इंतजार”
जहाँ सत्ता पक्ष इसे ऐतिहासिक बता रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे ‘निराशाजनक’ करार दिया:
- अखिलेश यादव: “यह बजट जनता के साथ धोखा है। सरकार सिर्फ एमओयू के आंकड़े दिखाती है, जमीन पर निवेश नहीं है। स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं।”
- शिवपाल यादव: “यूपी की जनता को सपनों का अमृत पिलाया गया है, हकीकत में सड़कों पर गड्ढे और बेरोजगारों की डिग्रियां अलमारी में हैं।”
- विरोध प्रदर्शन: बजट पेश होने से पहले सपा विधायकों ने भारत-अमेरिका डील और किसानों के मुद्दे पर सदन के बाहर प्रदर्शन किया।
⚠️ इनकी उम्मीदें टूटीं: बजट में क्या नहीं मिला?
- मानदेय: शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
- पेंशन: वृद्धावस्था और विधवा पेंशन की राशि बढ़ने की उम्मीद धरी की धरी रह गई।
- मुफ्त यात्रा: 60 साल से ऊपर की महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की घोषणा नहीं हुई।
- 8वां वेतनमान: सरकारी कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से नए वेतनमान की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई।




