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भोपाल | 17 फरवरी, 2026 विधानसभा सत्र के दौरान आज राजधानी की सड़कों पर महंगाई के खिलाफ तीखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेठिया के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) के बाहर ‘रसोई संसद’ सजाई। खाली कड़ाही, चकला-बेलन और गैस सिलेंडर के साथ बैठी महिलाओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि बजट में राहत नहीं मिली, तो आंदोलन उग्र होगा।

खाली कड़ाही और ठंडे चूल्हे का संदेश
प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से सड़क पर बैठकर रोटियां बेलीं और थालियां बजाकर सरकार को जगाने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि कमरतोड़ महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। दाल, अनाज और खाद्य तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे आम आदमी की थाली से पौष्टिक आहार गायब होता जा रहा है।
प्रमुख मांगें और चेतावनी:
- ₹400 में मिले सिलेंडर: महिला कांग्रेस की मांग है कि रसोई गैस की कीमतें तत्काल घटाकर ₹400 की जाएं।
- बजट पर अल्टीमेटम: यदि 18 फरवरी को पेश होने वाले बजट में महंगाई से राहत नहीं मिली, तो 19 फरवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले का घेराव किया जाएगा।
- उज्ज्वला योजना पर घेरा: कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के 16 लाख हितग्राही गरीबी के कारण दोबारा सिलेंडर नहीं भरवा पा रहे हैं।
“आदिवासी बच्चे सिर पर ढो रहे लकड़ियां” – रीना बोरासी
प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेठिया ने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “मंत्रालय के सामने ही उज्ज्वला योजना की हवा निकल गई है। आदिवासियों के छोटे-छोटे बच्चों को आज भी जंगल से लकड़ियां ढोकर लानी पड़ रही हैं, तब जाकर घर का चूल्हा जलता है। भाजपा सरकार केवल दावों में सीमित है, धरातल पर गरीब भूखा मर रहा है।”
महंगाई से रसोई का बजट फेल
कार्यकर्ता रूपाली शर्मा ने कहा कि भाजपा के शासन में महंगाई इस कदर बढ़ गई है कि चूल्हा जलाना दूभर हो गया है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के समय में सिलेंडर के दाम कम थे, और अब भाजपा को भी वही ₹400 की दर लागू करनी चाहिए।




