मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिला ने महिलाओं में होने वाले जानलेवा सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले ने इस अभियान में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे मध्य प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
कलेक्टर की मॉनिटरिंग और टीमवर्क से मिली सफलता
इस सफलता के पीछे जिला कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा की सतत मॉनिटरिंग और प्रभावी दिशा-निर्देशों की अहम भूमिका रही। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय से अभियान को तेजी मिली।
लक्ष्य के करीब पहुंचा जिला
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एल.पी. भकोरिया के अनुसार, जिले में कुल 15,942 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य तय किया गया था।
25 मार्च तक 11,902 बालिकाओं को वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है, जो लक्ष्य के बेहद करीब है। यह वैक्सीन फिलहाल 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं को ही दी जा रही है।
महंगी लेकिन जीवनरक्षक वैक्सीन
14 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए यह वैक्सीन बाजार में 4,000 रुपए से अधिक कीमत की है, लेकिन सरकारी अभियान के तहत इसे निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
दुनियाभर में 40 करोड़ से अधिक बालिकाओं को यह वैक्सीन लगाई जा चुकी है, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
बढ़ती मांग के चलते बढ़े टीकाकरण केंद्र
अभियान की शुरुआत जिले में केवल 7 स्वास्थ्य केंद्रों से की गई थी, लेकिन अभिभावकों के उत्साह और बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्रों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है।
भ्रांतियों को किया दूर, सुरक्षित है वैक्सीन
डॉ. भकोरिया ने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं है। दुनिया के 148 देशों में करीब 50 करोड़ बालिकाओं का सफल टीकाकरण हो चुका है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को समय पर यह वैक्सीन जरूर लगवाएं। यह न केवल एक टीका है, बल्कि भविष्य को कैंसर मुक्त बनाने का मजबूत सुरक्षा कवच भी है।
👉 यह अभियान न सिर्फ राजगढ़ बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है, जो जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की ताकत को दर्शाता है।




