बुजुर्गों से बच्चों तक ने लिया स्वदेशी अपनाने का संकल्प, बोले—इससे देश की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
Drnewsindia.com/राजगढ़। स्वदेशी को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ राजगढ़ जिले के छापीहेड़ा नगर में सोमवार को पंच परिवर्तन अभियान के तहत विदेशी वस्तुओं की प्रतीकात्मक होली जलाई गई। इस कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने एक स्वर में विदेशी उत्पादों के बहिष्कार और स्वदेशी अपनाने का संकल्प लिया।
यह आयोजन सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय हिंदू सम्मेलन एवं रामलला प्राण-प्रतिष्ठा तिथि महोत्सव के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्री सिद्ध बालाजी सेवा समिति के सदस्यों ने दैनिक उपयोग में आने वाली विदेशी ब्रांड की वस्तुओं को प्रतीकात्मक रूप से अग्नि को समर्पित किया।

“स्वदेशी अपनाओ, देश मजबूत बनाओ” के लगे नारे
कार्यक्रम के दौरान “स्वदेशी अपनाओ, देश मजबूत बनाओ”, “विदेशी छोड़ो, स्वदेशी जोड़ो” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किसी देश या समुदाय के विरोध में नहीं, बल्कि देश के कारीगरों, व्यापारियों और लघु उद्योगों को सशक्त करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
स्कूली बच्चों की रही विशेष भागीदारी
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। बच्चों ने तख्तियों और संदेशों के माध्यम से स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश दिया, जिसे लोगों ने सराहा।
स्वदेशी से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
वक्ताओं ने कहा कि यदि आम नागरिक स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें, तो इससे न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने विदेशी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी विकल्पों के अधिकतम उपयोग का संकल्प लिया।
पंच परिवर्तन को बताया जीवनशैली
वक्ताओं ने कहा कि पंच परिवर्तन केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीवनशैली है, जिसे अपनाकर समाज को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सकता है। छापीहेड़ा में जली विदेशी वस्तुओं की यह होली स्वदेशी सोच और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक बन गई।




