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रायसेन | कड़ाके की ठंड और गहरी नींद के बीच मौत करीब आ चुकी थी, लेकिन एक ट्रक ड्राइवर की सतर्कता ने 40 परिवारों को उजड़ने से बचा लिया। इंदौर से रीवा जा रही जय भवानी ट्रैवल्स की एसी स्लीपर बस रायसेन जिले के बम्होरी ढाबे के पास धू-धू कर जल गई। गनीमत रही कि समय रहते सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया।
आधी रात का मंजर: जब ट्रक ड्राइवर बना ‘भगवान’
बुधवार तड़के करीब 3:45 बजे, जब बस के यात्री 8-9 डिग्री की सर्दी में सुकून से सो रहे थे, तभी बस के पहिए ने आग पकड़ ली। रफ्तार तेज होने के कारण बस ड्राइवर को इसका अहसास नहीं हुआ।
- पीछे से आ रहे एक ट्रक ड्राइवर ने आग देखी और बस को रुकवाने का प्रयास किया।
- जब बस नहीं रुकी, तो ट्रक ड्राइवर ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रक को ओवरटेक किया और बस के आगे अड़ा दिया।
- चिल्लाते हुए उसने ड्राइवर को आग की सूचना दी, जिसके बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
20 मिनट में सब ‘खाक’, सुरक्षित बचे यात्री
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रियों के नीचे उतरते ही आग ने विकराल रूप ले लिया। महज 20 मिनट के भीतर पूरी बस लोहे के कंकाल में तब्दील हो गई। यात्रियों का कीमती सामान, दस्तावेज और कपड़े सब कुछ जलकर राख हो गए।
यात्री का दर्द: “बस बहुत तेज चल रही थी। ट्रक वाला काफी देर से चिल्ला रहा था लेकिन ड्राइवर नहीं सुन रहा था। अगर ट्रक वाला बस न रोकता, तो आज हम जिंदा न होते।” — संतोष कुशवाह, यात्री
बस कंपनी की संवेदनहीनता: फोन तक नहीं उठाया
हादसे के बाद बस कंपनी ‘जय भवानी ट्रैवल्स’ का गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया।
- मदद का अभाव: भीषण ठंड में सड़क पर खड़े यात्री घंटों तक कंपनी के ऑफिस फोन लगाते रहे, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
- खड़े होकर यात्रा: यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए अगली रूट बस का इंतज़ार करना पड़ा और उसमें भी उन्हें खड़े-खड़े यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा।
- सामान का नुकसान: भोपाल निवासी यात्री इरफान खान ने बताया कि कई लोगों का जरूरी सामान जल गया है, जिसकी भरपाई को लेकर कंपनी की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिला है।




