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रायसेन | 20 मार्च, 2026 सीहोर के बाद अब रायसेन जिले में भी कुदरत का कहर देखने को मिला है। शुक्रवार को अचानक मौसम बदला और करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में कटी रखी फसलें पूरी तरह भीग गई हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता और बाजार भाव पर संकट मंडराने लगा है।
⚠️ फसल बर्बादी का संकट: मुख्य बिंदु
- क्वालिटी पर खतरा: कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि भीगने के कारण अनाज की चमक (Luster) कम हो जाएगी और दाने काले पड़ सकते हैं।
- कटी फसलें प्रभावित: सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों को हुआ है जिनकी गेहूं और चने की फसल कटकर खेतों में ही रखी थी।
- मंडी पर असर: बारिश के चलते मंडियों में भी अफरा-तफरी का माहौल रहा, खुले में रखा अनाज भीगने से व्यापारियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

🌡️ मौसम का मिजाज और आंकड़े
जिले में बीते 24 घंटों से भीषण गर्मी का दौर जारी था, लेकिन इस अचानक हुई बारिश ने तापमान में तो गिरावट ला दी, पर किसानों के लिए यह “आफत की बारिश” साबित हुई।
| विवरण | प्रभाव |
| बारिश की अवधि | लगभग 1 घंटा (तेज बौछारें) |
| प्रमुख प्रभावित फसलें | गेहूं, चना और सरसों |
| संभावित नुकसान | फसल की चमक कम होना, फफूंद (Fungus) का खतरा |




