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रायसेन/मेहगांव | 23 मार्च, 2026 रायसेन जिले के मेहगांव में सोमवार दोपहर एक भीषण अग्निकांड ने कई किसानों की साल भर की मेहनत को राख में बदल दिया। दोपहर करीब 12:45 बजे खेतों के ऊपर से गुजर रही 33 केवी बिजली की लाइन से गिरी एक चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
🔥 कैसे भड़की आग?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिजली लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी सूखी हुई गेहूं की फसल पर गिरी। तेज हवाओं के कारण आग ने देखते ही देखते 5-6 किसानों के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया।

🚜 किसानों की सूझबूझ: ट्रैक्टरों से बनाई ‘फायर लाइन’
आग को और फैलने से रोकने के लिए मेहगांव और गिरवर गांव के किसानों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया:
- कल्टीवेटर का उपयोग: किसान तुरंत अपने ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे और जलते हुए हिस्से के चारों ओर खेतों की जुताई कर ‘फायर लाइन’ बनाई।
- सीमित संसाधन: ग्रामीणों ने झाड़ियों और मिट्टी की मदद से भी आग पर काबू पाने का प्रयास किया, जिससे आग अन्य खेतों तक नहीं पहुंच सकी।
- दमकल की मदद: सूचना मिलते ही रायसेन से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों के सहयोग से आग को पूरी तरह बुझाया गया।
🌾 250 क्विंटल गेहूं का नुकसान
इस आगजनी में किसानों को आर्थिक रूप से गहरा आघात लगा है:
- प्रभावित किसान: रामबाबू/रूपसिंह, धीरेंद्र सिंह/कमर सिंह और सुरेश कुमार/भैरों सिंह सहित अन्य।
- नुकसान का पैमाना: लगभग 12 से 15 एकड़ में खड़ी फसल जल गई है।
- अनुमानित पैदावार: किसानों के मुताबिक, करीब 200 से 250 क्विंटल गेहूं जलकर खाक हो गया है।
📋 प्रशासन ने दिया मुआवजे का आश्वासन
घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार राजस्व अमले के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित किसानों को शासन के नियमानुसार उचित आर्थिक सहायता (मुआवजा) जल्द ही प्रदान की जाएगी।




