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रायसेन: जिले में ठंड का सितम जारी है। न्यूनतम तापमान 5°C तक गिरने से रबी की फसलों पर पाला (Frost) पड़ने की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह भीषण शीतलहर की चेतावनी जारी की है, जिसे देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
⚠️ पाले से फसलों को कैसे बचाएं?
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. स्वप्निल दुबे ने किसानों के लिए निम्नलिखित बचाव के उपाय सुझाए हैं:
- धुआं और सिंचाई: रात के आखिरी पहर में खेत की उत्तर-पश्चिमी मेड़ों पर धुआं करें। साथ ही, हल्की सिंचाई (Watering) करने से खेत का तापमान स्थिर रहता है।
- सल्फर का छिड़काव: पाले से बचाव के लिए 200 ग्राम घुलनशील सल्फर या पोटेशियम सल्फेट को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ छिड़काव करें।
- देसी उपाय: छोटे पौधों को ढक दें या पुआल/भूसा बिछाकर उन्हें ठंड से बचाएं।
- वायुरोधी घेरा: खेतों की दिशा में शीशम या शहतूत जैसे पेड़ लगाकर ठंडी हवाओं के सीधे प्रवेश को रोकें।
मौसम का हाल
पिछले 20 दिनों से रात का पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। पाले के कारण फसलों की पत्तियों पर बर्फ की बारीक परत जमने से फूल और पत्तियां झुलस सकती हैं, जिससे पैदावार पर सीधा असर पड़ता है।




