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रायसेन/राहतगढ़ | रायसेन-राहतगढ़ हाईवे पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हो गई। यहाँ सागर रोड स्थित टोल नाके के पास एक अनियंत्रित पिकअप वाहन निर्माणाधीन पुलिया में जा गिरा। हादसे में वाहन के परखच्चे उड़ गए और चालक सहित क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
बताया जा रहा है कि फलों से लदी हुई पिकअप तेज गति में थी। टोल नाके के आगे सड़क पर निर्माणाधीन पुलिया के पास जैसे ही वाहन पहुँचा, वह अनियंत्रित होकर लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसे सुनकर स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला।
निर्माण कंपनी की लापरवाही पर फूटा गुस्सा
हादसे के बाद ग्रामीणों और राहगीरों ने सड़क निर्माण कंपनी के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। स्थानीय लोगों के गंभीर आरोप हैं:
- संकेतकों का अभाव: सड़क को जगह-जगह से खोदा गया है, लेकिन कहीं भी कोई सांकेतिक बोर्ड (Signboard) या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है।
- अंधेरे में खतरा: रात और सुबह के वक्त धुंध या कम रोशनी में खुदी हुई सड़कें मौत का कुआं साबित हो रही हैं।
- धूल और डायवर्जन: यात्रियों के लिए न तो उचित डायवर्जन मार्ग बनाया गया है और न ही धूल उड़ने से रोकने के कोई इंतजाम हैं।
“कंपनी ने ₹260 करोड़ का ठेका तो ले लिया, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़ दी है। बिना किसी सुरक्षा घेरे के पुलिया का काम चल रहा है, जिससे रोज हादसे हो रहे हैं।” – एक स्थानीय राहगीर
प्रोजेक्ट की स्थिति पर एक नज़र
रायसेन से राहतगढ़ तक बन रहे इस हाईवे की लागत करीब ₹260 करोड़ है। सड़क के चौड़ीकरण के साथ-साथ कई नई पुलियों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब लोगों की जान पर बन आई है।
क्या प्रशासन लेगा एक्शन?
फिलहाल घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है। अब देखना यह है कि इस घटना के बाद जिम्मेदार विभाग और ठेकेदार कंपनी सुरक्षा मानकों में सुधार करती है या यात्रियों को इसी तरह जोखिम भरे सफर का सामना करना पड़ेगा।




