रायसेन: सरकारी गेहूं खरीदी शुरू, लेकिन केंद्रों पर अव्यवस्थाओं का अंबार; परेशान हो रहे किसान

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drnewsindia.com

रायसेन। जिले में 9 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, लेकिन पहले ही दिन से केंद्रों पर फैली अव्यवस्थाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। भीषण गर्मी और संसाधनों की कमी के बीच किसान अपनी उपज बेचने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।

बम्होरी केंद्र का हाल: न छाया, न पर्याप्त बारदाना

सागर रोड स्थित बम्होरी खरीदी केंद्र पर स्थिति काफी चिंताजनक दिखी। यहाँ किसानों के लिए न तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही फसल को चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए छांव का प्रबंध किया गया है। 10 अप्रैल का स्लॉट बुक कर पहुंचे किसान खुले आसमान के नीचे घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।

अव्यवस्थाओं के बीच फंसे अन्नदाता

खरीदी केंद्रों पर किसानों को मुख्य रूप से इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है:

  • बारदाने की किल्लत: कई केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदाने उपलब्ध नहीं हैं, जिससे तुलाई का काम प्रभावित हो रहा है।
  • स्लॉट बुकिंग में तकनीकी दिक्कत: किसानों को अपनी बारी के लिए स्लॉट बुक करने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
  • उपज की सुरक्षा: केंद्रों के बाहर हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है। किसान अपनी उपज की रखवाली के लिए रात-दिन केंद्रों पर डेरा डाले हुए हैं।

अधिकारियों का पक्ष: अंतरराष्ट्रीय कारणों से देरी

इस अव्यवस्था को लेकर जिला विपणन अधिकारी राजू कातुलकर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते बारदाने की आपूर्ति कुछ हद तक प्रभावित हुई है, जिससे प्रारंभिक देरी हुई। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया है कि व्यवस्थाओं को तेजी से सुधारा जा रहा है और जल्द ही सभी केंद्रों पर खरीदी सुचारू रूप से संचालित होने लगेगी।

सरकारी खरीदी ही एकमात्र सहारा

गल्ला मंडियों में गेहूं के उचित दाम न मिलने के कारण किसान पूरी तरह सरकारी खरीदी पर निर्भर हैं। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बुनियादी सुविधाओं को जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि वे आर्थिक नुकसान से बच सकें और अपनी अगली फसल की तैयारी कर सकें।


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