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लंदन।लंदन स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर हिंदू समुदाय के एक प्रदर्शन के दौरान खालिस्तानी समर्थकों ने भारत विरोधी नारे लगाए और झंडे लहराए। प्रदर्शन में भारतीय और बांग्लादेशी हिंदू शामिल थे, जो बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं की बढ़ती हिंसा और मौत के खिलाफ आवाज उठाने आए थे।
‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) से जुड़े खालिस्तानी कार्यकर्ताओं ने वहां आकर प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की की और पोस्टरों पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर माला चढ़ा कर विरोध जताया। पोस्टरों में ‘शहीद निज्जर’, ‘शहीद हादी’ और ‘एसेसिनेशन बाय मोदी’ जैसे संदेश लिखे थे।
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से बांग्लादेश बॉर्डर खोलने और हिंसा से बचे हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने दीपू चंद्र दास और अमृत मंडल की लिंचिंग का जिक्र करते हुए अल्पसंख्यकों के संरक्षण की अपील की।
विशेषज्ञों का कहना है कि बांग्लादेश में अगस्त 2024 से अब तक 2,900 से अधिक हमले अल्पसंख्यकों पर हुए हैं, जिनमें हत्याएं, आगजनी और जमीन पर कब्जा शामिल है।
बांग्लादेशी जांच एजेंसियों ने पुष्टि की है कि दीपू चंद्र दास पर लगे ईशनिंदा के आरोप झूठे थे। इसके बावजूद, हादी समर्थक भीड़ ने 18 दिसंबर को दीपू की पीट-पीटकर हत्या की और उसकी लाश को पेड़ पर लटकाकर आग लगा दी।
खालिस्तानियों का कहना है कि हरदीप सिंह निज्जर की मौत के लिए भारत जिम्मेदार है। निज्जर को 2023 में कनाडा में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी।
क्या मैं ऐसा कर दूँ?




