वाराणसी में MP-UP महासंगम: महाकाल और विश्वनाथ की नगरी के बीच हुए 2 ऐतिहासिक MOU, साझा विरासत से खुलेगा निवेश का द्वार

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वाराणसी/सीहोर | 31 मार्च, 2026 उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में मंगलवार को ‘एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन’ का भव्य आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस समागम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच धार्मिक पर्यटन, ओडीओपी (ODOP) और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौते (MoUs) किए गए।


🤝 साझा विरासत और नए एमओयू (MoUs)

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण और श्री महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति के बीच समन्वय और सहयोग के लिए एमओयू हुआ।

  • उद्देश्य: स्थानीय उत्पादों (ODOP) को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और अंतर्राज्यीय सहयोग से आर्थिक विकास को गति देना।
  • कनेक्टिविटी: वाराणसी और उज्जैन के बीच धार्मिक पर्यटन का एक साझा सर्किट विकसित किया जाएगा।

🌊 केन-बेतवा और सोलर प्रोजेक्ट: बुंदेलखंड की बदलेगी तस्वीर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों राज्यों के आर्थिक भविष्य से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं पर प्रकाश डाला:

  1. केन-बेतवा लिंक परियोजना: यह सिंचाई और पेयजल के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
  2. सोलर एनर्जी: मुरैना में 2000 मेगावॉट के सोलर पावर प्लांट पर दोनों राज्य मिलकर काम कर रहे हैं।
  3. कुंभ और सिंहस्थ: प्रयागराज महाकुंभ के प्रबंधन के अध्ययन से उज्जैन सिंहस्थ के बेहतर आयोजन में मदद मिलेगी।

🚀 मध्य प्रदेश: निवेश और उद्योगों का नया केंद्र

डॉ. यादव ने निवेशकों को एमपी की ओर आकर्षित करते हुए कहा:

  • कृषि वर्ष: वर्ष 2026 को मध्य प्रदेश ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मना रहा है।
  • सिंचाई क्षमता: प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर हो गया है।
  • स्वास्थ्य क्षेत्र: अस्पताल खोलने के लिए मात्र 1 रुपये की लीज पर 30 एकड़ जमीन दी जा रही है।
  • निर्यात: प्रदेश से सालाना 70 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात हो रहा है।

🏅 ओडीओपी (ODOP) में मध्य प्रदेश का जलवा

प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर ओडीओपी के लिए रजत पदक (Silver Medal) हासिल किया है।

  • यूनिटी मॉल: उज्जैन में ₹284 करोड़ की लागत से देश का सबसे बड़ा ओडीओपी शोकेस बनेगा।
  • जीआई टैग: प्रदेश के 26 उत्पादों को अब तक जीआई टैग मिल चुका है।

🎙️ वक्ताओं के मुख्य अंश

  • राकेश सचान (MSME मंत्री, UP): यूपी की 96 लाख एमएसएमई इकाइयां 3 करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं।
  • नंद गोपाल नंदी (औद्योगिक मंत्री, UP): यह सम्मेलन दोनों राज्यों की गहरी समझ और साझा भविष्य का मील का पत्थर है।
  • नीलेश मिश्रा (गांव कनेक्शन): एमपी-यूपी का साझा ‘डबल इंजन’ विकास की नई कहानियां लिख रहा है।

🎨 कला की चमक: प्रदर्शनी का अवलोकन

सम्मेलन स्थल पर दोनों राज्यों के शिल्पकारों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।

  • यूपी से: बनारस की साड़ी, गुलाबी मीनाकारी, और ग्लास माला।
  • एमपी से: चंदेरी-महेश्वरी साड़ियाँ, सीधी की पंजा दरी, बैतूल का मेटल क्राफ्ट और डिंडोरी के मिलेट्स।

✈️ पर्यटन राउंड टेबल: ‘धार्मिक सर्किट’ पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने पर्यटन सत्र में कहा कि ‘पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा’ और ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ से सुदूर धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान हुई है। वाराणसी और उज्जैन को जोड़कर एक एकीकृत तीर्थ अनुभव तैयार किया जा रहा है।

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