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लटेरी (विदिशा) | विदिशा जिले की लटेरी पुलिस ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। करीब डेढ़ साल से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी रफ़ीक खाँ को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है। रफ़ीक खाँ उस ‘मलनिया हत्याकांड’ का मुख्य चेहरा था, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला दिया था।
क्या था वो खौफनाक ‘मलनिया हत्याकांड’?
यह मामला 21 नवंबर, 2024 (करीब 1.5 साल पहले) का है, जब मलनिया गांव में पुरानी रंजिश ने खूनी मोड़ ले लिया था।
- घात लगाकर हमला: सिद्दिक खाँ अपने साथी अब्दुल कदीर के साथ ट्रैक्टर से खेत जा रहे थे।
- हथियारों का तांडव: रास्ते में रफ़ीक खाँ और उसके साथियों ने पहले से ही घेराबंदी कर रखी थी। जैसे ही ट्रैक्टर पास पहुँचा, आरोपियों ने लाठी-डंडों और धारदार भालों से हमला बोल दिया।
- मौत का भाला: हमले के दौरान रफ़ीक के साथी मुजीम खाँ ने सिद्दिक खाँ पर भाले से प्राणघातक वार किया, जिससे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
पुलिस की रडार पर था ‘फरारी काट’ रहा रफ़ीक
वारदात के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर अधिकांश आरोपियों को तो तुरंत जेल भेज दिया था, लेकिन रफ़ीक खाँ चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा।
- इनाम की घोषणा: पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक द्वारा उसकी गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था।
- मुखबिर तंत्र का जाल: लटेरी पुलिस की टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। अंततः सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय में पेशी और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद आरोपी रफ़ीक खाँ को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया है। लटेरी पुलिस अब उससे फरारी के दौरान मिले शरणदाताओं और अन्य सुरागों के बारे में पूछताछ कर सकती है।
लटेरी पुलिस का संदेश: अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है। कानून के हाथ लंबे होते हैं और देर-सवेर हर अपराधी को सलाखों के पीछे जाना ही पड़ता है।
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