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विदिशा / बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने के लिए, ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत स्कूली स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शुक्रवार को कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन में दो शासकीय स्कूलों के बच्चों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई गई और उन्हें कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग का उद्देश्य बच्चों को स्वयं के भविष्य के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
इन स्कूलों में आयोजित हुआ कार्यक्रम
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता लोढ़ा के मार्गदर्शन में यह विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया:
- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, करारिया
- शासकीय एकीकृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बागरी
कानूनी प्रावधानों की जानकारी और हेल्पलाइन
महिला एवं बाल विकास विभाग के श्री मुकेश ताम्रकार ने स्कूली बच्चों को बाल विवाह के सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया।
- कानूनी जानकारी: बच्चों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के नियमों और प्रावधानों की जानकारी दी गई, ताकि वे अपराध से बच सकें।
- मुख्य नारा: कार्यक्रम में “बाल विवाह न रचे अपराध से बचे” का नारा दिया गया।
- सेवा प्रदाता: बाल विवाह रोकथाम में सेवा प्रदाताओं की भूमिका, आदि की जानकारी दी गई।
- हेल्पलाइन नंबर: बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और पुलिस हेल्पलाइन 112 की जानकारी दी गई ताकि वे किसी भी बाल विवाह की सूचना तुरंत दे सकें।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर बागरी हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य श्री महेंद्र सिंह तोमर सहित विनोद वर्मा, विकास सिंह सेंगर, रवि प्रकाश दुबे, मीना जैन, नीतू बघेल और शशि कला त्रिपाठी आदि शिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे।



