शिवराज सिंह चौहान की Z+ सुरक्षा बढ़ने पर सियासत तेज, कांग्रेस ने बताया ‘अलग कारण’

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Drnewsindia/भोपाल।
पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। चौहान की Z+ सुरक्षा में इजाफा और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती

के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, इस पूरे मामले में अभी तक शिवराज सिंह चौहान या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कांग्रेस के मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने इस मुद्दे पर बयान देते हुए सुरक्षा बढ़ाने के पीछे एक अलग ही वजह बताई है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने न केवल राज्य सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि भाजपा के भीतर चल रही चर्चाओं पर भी तंज कसा।

अध्यक्ष बनते हैं तो मप्र के लिए अच्छी बात”

मुकेश नायक ने कहा कि सुबह से यह चर्चा चल रही है कि शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उनके समर्थक इसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से जोड़कर देख रहे हैं। नायक ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “अगर वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो मध्यप्रदेश के लिए इससे अच्छी बात क्या होगी, मेरी शुभकामनाएं हैं।”

हालांकि, उन्होंने साफ किया कि सुरक्षा बढ़ने का असली कारण कुछ और है, न कि किसी पद की घोषणा।

राज्य सरकार पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार को पत्र लिखकर शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का उल्लेख किया है। नायक के अनुसार, पत्र में सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त करने की बात कही गई थी।

उन्होंने कहा कि “मोहन सरकार पर खुद शिवराज सिंह चौहान ने यह आरोप लगाया है कि उनकी सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है। इसी कारण उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई है, इसके अलावा कोई दूसरा कारण नहीं है।”

सोशल मीडिया पर अटकलें तेज

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह चर्चा चल रही है कि शिवराज सिंह चौहान को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। सुरक्षा बढ़ाए जाने के फैसले के बाद इन अटकलों को और हवा मिली।

हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह भी माना जा रहा है कि गृह मंत्रालय को मिले इनपुट और सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया है, न कि किसी संगठनात्मक नियुक्ति के कारण।

भाजपा की चुप्पी

इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल भाजपा या केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से कोई बयान नहीं आया है। ऐसे में सुरक्षा बढ़ोतरी को लेकर चल रही चर्चाओं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ने मामला और दिलचस्प बना दिया है।

अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया आती है और क्या सुरक्षा बढ़ने के पीछे की वजह को लेकर स्थिति और स्पष्ट होती है या नहीं।

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