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श्यामपुर (सीहोर): शनिवार की शाम श्यामपुर क्षेत्र के किसानों के लिए चिंता की खबर लेकर आई। क्षेत्र में अचानक मौसम का मिजाज बदला और हल्की बारिश के साथ कई इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस बेमौसम बदलाव से खेतों में पड़ी और खलिहानों में रखी फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
इन क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि
जानकारी के अनुसार, श्यामपुर और दोराहा क्षेत्र में जहाँ बूंदाबांदी हुई, वहीं ग्रामीण अंचलों में मौसम अधिक तल्ख नजर आया। पड़ियाला, गोपालपुर, बमुलिया दोराहा और सुल्तानपुरा जैसे गाँवों में करीब 5 मिनट तक ओले गिरे। सफेद चादर की तरह बिछी ओलों की परतों ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
खुले आसमान के नीचे रखी फसल पर खतरा
मौसम का यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब अधिकांश किसानों की गेहूं की फसल कटकर तैयार है। समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी में हो रही देरी के कारण बड़ी मात्रा में उपज खेतों या घरों के बाहर खुले आसमान के नीचे जमा है।
किसानों का दर्द: > “एक तरफ खरीदी शुरू होने का इंतजार है, वहीं दूसरी तरफ मौसम दुश्मन बना हुआ है। अगर जल्द ही फसल सुरक्षित स्थानों पर नहीं पहुँची या खरीदी शुरू नहीं हुई, तो हमारी साल भर की मेहनत बर्बाद हो जाएगी।”
लहसुन की फसल पर भी संकट
गेहूं के साथ-साथ इस समय क्षेत्र में लहसुन की फसल भी बड़ी मात्रा में खेतों में पड़ी हुई है। जानकारों का मानना है कि इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से लहसुन की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों को मंडी में उचित दाम मिलना मुश्किल हो जाएगा।
प्रशासन से जल्द खरीदी की मांग
क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि उनकी मेहनत सुरक्षित गोदामों तक पहुँच सके और वे मौसम की मार से होने वाले आर्थिक नुकसान से बच सकें।




