श्रीमद्भागवत कथा भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का सार: जगत गुरु पंडित अजय पुरोहित

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अनोखी पहल: श्री चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर समिति कथा के अंतिम दिन कराएगी 11 जोड़ों का निशुल्क विवाह

सीहोर | 29 जनवरी, 2026

शहर के छावनी क्षेत्र स्थित श्री चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। कथा व्यास जगत गुरु पंडित अजय पुरोहित ने भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को अध्यात्म की राह पर चलने का मार्ग दिखाया।

“मन को स्वर्ण बनाती है भागवत कथा”

कथा के दौरान पंडित अजय पुरोहित ने कहा कि भागवत कथा मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर के अंधकार को मिटाने वाला प्रकाश है। उन्होंने विस्तार से बताया:

  • सत्य का महत्व: जीवन में सत्य और सद्कर्म ही परमात्मा की प्राप्ति का एकमात्र साधन हैं।
  • राजा परीक्षित प्रसंग: उन्होंने राजा परीक्षित और समीक ऋषि के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे एक क्षण का क्रोध जीवन बदल देता है और कैसे शुकदेव जी के मार्गदर्शन ने परीक्षित को मोक्ष की राह दिखाई।
  • गोकर्ण और आत्मदेव: भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के उपदेश के माध्यम से उन्होंने बताया कि भागवत श्रवण से पितरों का भी उद्धार होता है।

ऐतिहासिक पहल: सर्वजातीय सामूहिक विवाह

श्री चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष और समाजसेवी मनोहर राय ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि इस कथा का समापन केवल धार्मिक अनुष्ठान से नहीं, बल्कि एक पुण्य सामाजिक कार्य से होगा।

मुख्य आकर्षण: कथा के अंतिम दिन समिति द्वारा 11 जोड़ों का निशुल्क सामूहिक विवाह कराया जाएगा। इसमें सभी समाजों के जोड़ों को शामिल किया गया है, जो सामाजिक समरसता की एक बड़ी मिसाल पेश करेगा।

श्रद्धालुओं से अपील

समिति ने जानकारी दी कि कथा प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से प्रारंभ होती है। अध्यक्ष मनोहर राय एवं आयोजन समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर कथा श्रवण करने और अंतिम दिन होने वाले विवाह महोत्सव का साक्षी बनने की अपील की है।

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