भोपाल | 12 नवम्बर 2025, |Drnewsinsdia.com डिजिटल डेस्क
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित सरपंच संयुक्त मोर्चा सम्मेलन को संबोधित करते हुए पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों में बड़ा विस्तार करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य कराने का अधिकार दिया जाएगा। साथ ही, पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए 50-50 हजार रुपए की राशि भी अंतरित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2026 को “कृषि आधारित उद्योग वर्ष” के रूप में मनाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।
पंचायतों को मिलेगा सशक्त अधिकार ढांचा
डॉ. यादव ने कहा कि पंचायतें ग्राम विकास की मूल इकाई हैं।
“सरपंच अपनी पंचायत को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकते हैं। अब पंचायतों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार मिलेगा,” — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन पंचायतों के माध्यम से ही होगा, और नगरीय निकायों की तरह पंचायतों में भी विकास योजनाएँ बनाने की स्वतंत्र व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

पंचायत प्रतिनिधियों को 50-50 हजार की विकास राशि
मुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों के लिए 50-50 हजार रुपए की राशि अंतरित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों की एक राज्यस्तरीय कॉन्फ्रेंस 24 से 26 नवम्बर तक भोपाल में आयोजित होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थल पर भव्य स्वागत किया गया और सरपंच संघों के प्रतिनिधियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा।
दिल्ली विस्फोट पीड़ितों के लिए 2 मिनट का मौन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने भाषण की शुरुआत में दिल्ली कार विस्फोट की घटना को दुखद बताया।
उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए सम्मेलन में उपस्थित जनसमूह के साथ दो मिनट का मौन धारण किया।
डॉ. यादव ने कहा —
“देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की क्षमता पर पूरा भरोसा है। भारत सरकार आतंकवाद और नक्सलवाद के समूल नाश के लिए अभियान चला रही है।”
पंचायतों को कार्यालय और सामुदायिक भवनों की सौगात
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार पंचायतों के लिए कार्यालयों और भवनों की व्यवस्था कर रही है।
इस क्रम में स्वीकृत किए गए हैं —
- 2472 अटल पंचायत भवन
- 1037 सामुदायिक भवन
- 106 जनपद पंचायत भवन
- 5 जिला पंचायत भवन
उन्होंने यह भी बताया कि दिसंबर 2026 तक सभी ग्रामों के शांति धाम अतिक्रमण से मुक्त कर व्यवस्थित किए जाएंगे, उनके पहुँच मार्ग विकसित किए जाएंगे और पौधरोपण करवाया जाएगा।
2026 होगा ‘कृषि आधारित उद्योग वर्ष’
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा —
“हम वर्ष 2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में मनाएंगे। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि और खाद्यान्न आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा।”
- युवाओं को उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- लघु व कुटीर उद्योग को पंचायतों के माध्यम से प्रोत्साहन मिल रहा है।
- कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग इकाइयाँ खोली जा रही हैं ताकि किसानों को फसल का उचित मूल्य मिल सके।
श्रीराम वन गमन पथ से जुड़ेंगे पंचायत प्रतिनिधि
मुख्यमंत्री ने सरपंचों से अपील की कि वे भगवान श्रीराम के वनगमन पथ से जुड़े स्थलों की जानकारी सरकार को दें ताकि उन स्थानों का विकास तीर्थ रूप में किया जा सके।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानों को भी तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा।
“पंचायतें शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और उद्योग जैसे विषयों पर भी ध्यान दें, ताकि मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर और समृद्ध बन सके।”
नदियों के उद्गम स्थल के संरक्षण पर जोर
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्यों का अधिकार देने का निर्णय ऐतिहासिक है।
उन्होंने कहा —
“जिन पंचायतों में नदियों के उद्गम स्थल हैं, वे अपनी कार्ययोजना में उनके संरक्षण और विकास से जुड़े कार्य शामिल करें।”
साथ ही उन्होंने घोषणा की कि जिन पंचायतों की आबादी 5000 से अधिक है, वहां दो सामुदायिक भवन स्वीकृत किए जाएंगे।
सम्मेलन में सरपंचों की भारी मौजूदगी
कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न सरपंच संघों के अध्यक्ष और संगठन प्रमुख बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संबोधन के दौरान “सशक्त पंचायत – समृद्ध मध्यप्रदेश” का नारा गूंजता रहा।




