सीहोर / Drnewsindia
सीहोर जिले में मत्स्य पालन को आधुनिक और लाभप्रद बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने बुधवार को ग्राम हसनाबाद पहुँचकर मत्स्य विभाग द्वारा संचालित बायो फ्लॉक पॉन्ड (Bio-floc Pond) और नवनिर्मित फिश फीड मील का सघन निरीक्षण किया।
बायो फ्लॉक: कम लागत, अधिक मुनाफ़ा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बायो फ्लॉक तकनीक की बारीकियों को समझा। उन्होंने कहा कि यह एक आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति है, जिसके कई फायदे हैं:
- कम जल की खपत: पारंपरिक तालाबों की तुलना में बहुत कम पानी में मछली उत्पादन।
- अधिक उत्पादन: सीमित जगह में मछलियों की सघन खेती संभव।
- किसानों के लिए वरदान: यह तकनीक छोटे और सीमांत मत्स्य कृषकों की आय दोगुनी करने में सक्षम है।
फिश फीड मील: किफायती दरों पर मिलेगा दाना
कलेक्टर ने विभाग को सख्त निर्देश दिए कि नवनिर्मित फीड मील के माध्यम से स्थानीय मछुआरों और कृषकों को उत्तम गुणवत्ता का फिश फीड (मछली का दाना) किफायती दरों पर उपलब्ध कराया जाए।
“गुणवत्तापूर्ण फीड मिलने से मछलियों की वृद्धि तेज होगी और उत्पादन लागत में कमी आएगी, जिससे अंततः जिले के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।” – कलेक्टर श्री बालागुरू के.
जागरूकता और प्रशिक्षण पर जोर
कलेक्टर ने मत्स्य विभाग के सहायक संचालक श्री प्रशांत हर्ष को निर्देशित किया कि:
- जिले के अधिक से अधिक किसानों को बायो फ्लॉक तकनीक के प्रति जागरूक किया जाए।
- इच्छुक किसानों को विभाग की ओर से तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
- किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाया जाए।




