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सीहोर (श्यामपुर): जिले के श्यामपुर क्षेत्र में स्थित आर्यावर्त यूनिवर्सिटी अपनी मान्यता और संचालन को लेकर बड़े विवादों में घिर गई है। विश्वविद्यालय पर धोखाधड़ी से मान्यता हासिल करने और बुनियादी ढांचे में भारी विसंगतियों के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
विवाद का मुख्य कारण
एबीवीपी (ABVP) नेता भगवान सिंह की शिकायत के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने रुकमणी देवी पब्लिक स्कूल की बिल्डिंग दिखाकर भ्रामक तरीके से यूनिवर्सिटी की मान्यता प्राप्त की है। शिकायत में निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए गए हैं:
- फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट: मान्यता के लिए गलत दस्तावेज प्रस्तुत करना।
- स्टाफ नियुक्तियों में धांधली: फैकल्टी और स्टाफ की नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी।
- बुनियादी ढांचे का अभाव: कागजों पर दिखाई गई सुविधाएं धरातल पर न होना।
कलेक्टर के निर्देश पर 13 सदस्यीय टीम गठित
जिला कलेक्टर के आदेश के बाद, चंद्रशेखर आजाद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा ने मामले की तह तक जाने के लिए 13 सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया है।
जांच टीम के प्रमुख सदस्य: समिति में शिलचंद्र गुप्ता, डॉ. सुमन रोहिला, डॉ. आमिर ऐजाज, डॉ. सुशीला पटेल, प्रो. विनयमणि त्रिपाठी, प्रो. राजकुमार साहू, प्रो. कैलाश ठाकरे, अनिल पिपलोदिया, डॉ. मनोज कुमार शर्मा, एलपी कीर, नरेश सेन और परवजे अंसारी जैसे विशेषज्ञ शामिल हैं।
कार्यवाही की चेतावनी: यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द करने के साथ-साथ प्रबंधन पर एफआईआर (FIR) और अन्य कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।
पक्ष-विपक्ष: क्या कहते हैं जिम्मेदार?
- विश्वविद्यालय संचालक (पुष्पेन्द्र गौतम): “हमने सभी सरकारी नियमों का पालन किया है। यूनिवर्सिटी का संचालन पूरी तरह नियमानुसार और पारदर्शी है।”
- रुकमणी देवी पब्लिक स्कूल (ब्रजेश पाटीदार): उन्होंने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी का सारा कार्यभार पुष्पेन्द्र गौतम ही संभालते हैं।




