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सीहोर | 07 अप्रैल, 2026 जिले के विकास को रफ्तार देने के लिए कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में निर्माण विभागों की मैराथन बैठक ली। बैठक में कलेक्टर का कड़ा रुख साफ नजर आया—उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की ‘कोताही’ या ‘देरी’ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मैदानी अमले को मिला ‘डेडलाइन’ का टारगेट
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि अपने मैदानी अमले को स्पष्ट लक्ष्य (Targets) दें।
- सटीक समय सीमा: अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी कार्य के लिए उतनी ही समय सीमा बताएं, जितने में वह वास्तव में पूर्ण हो सके।
- क्वालिटी चेक: निर्माण कार्यों की गुणवत्ता (Quality) में कोई कमी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।
सड़क और पुल निर्माण: “अतिक्रमण हटाओ, रास्ता बनाओ”
आमजन के आवागमन को सुगम बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को विशेष निर्देश दिए गए हैं:
- रुकावट दूर करें: यदि सड़क या पुल निर्माण में अतिक्रमण (Encroachment) बाधा बन रहा है, तो उसे तुरंत हटाकर निर्माण कार्य पूरा किया जाए।
- सुगम सफर: कलेक्टर ने कहा कि जनता को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए सभी प्रोजेक्ट्स में तेजी लाई जाए।
जिले में विकास की ‘प्रगति रिपोर्ट’ (एक नजर में)
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के कार्यों का लेखा-जोखा पेश किया गया:
| विभाग | पूर्ण कार्य | प्रगतिरत (Work in Progress) |
| लोक निर्माण विभाग (PWD) | 67 | 51 |
| ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) | 38 | 36 |
| PWD (भवन संभाग) | 17 | 23 |
| जिला शिक्षा केंद्र | – | 104 |
इसके अलावा जल संसाधन, सेतु निर्माण, MP सड़क विकास निगम, पर्यटन और नर्मदा घाटी विकास विभाग के प्रोजेक्ट्स भी अलग-अलग चरणों में हैं।
अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव ने भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल निगम, PHE, और शिक्षा विभाग सहित तमाम निर्माण एजेंसियों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
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