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सीहोर। जिले में सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने और अवैध माफियाओं पर लगाम कसने के लिए कलेक्टर श्री बालागुरू के. की अध्यक्षता में एक हाई-प्रोफाइल संयुक्त बैठक आयोजित की गई। जिला सड़क सुरक्षा समिति और खनिज टास्क फोर्स की इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
🚑 ‘प्रधानमंत्री राहत योजना’: दुर्घटना पीड़ितों के लिए वरदान
कलेक्टर ने सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों को त्वरित और निशुल्क उपचार देने के लिए विशेष निर्देश दिए।
- कैशलेस इलाज: योजना के तहत पीड़ितों को दुर्घटना की तिथि से 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार मिलेगा।
- क्विक रिस्पांस: गंभीर मामलों में 48 घंटे और सामान्य स्थिति में 24 घंटे तक स्टेबलाइजेशन (स्थिरता) उपचार अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाएगा।
- प्रोत्साहन: घायलों को अस्पताल पहुँचाने वाले जागरूक नागरिकों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

🛣️ हाईवे और ट्रैफिक के लिए ‘मास्टर प्लान’
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर ने कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:
- ब्लैक स्पॉट सुधार: जिले के सभी खतरनाक दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) को चिन्हित कर नियमित सुधार किया जाएगा।
- स्पीड रडार गन: हाईवे टोल प्लाजा के पास ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए आधुनिक स्पीड रडार गन से कार्रवाई होगी।
- कुबेरेश्वर धाम हाईवे: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कुबेरेश्वर धाम के सामने हाईवे पर हाई मास्ट लाइट लगाई जाएगी।
- अतिक्रमण और पोल शिफ्टिंग: शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म करने के लिए अतिक्रमण हटाए जाएंगे और बाधा बन रहे बिजली पोल शिफ्ट होंगे।

⛏️ खनिज टास्क फोर्स: अवैध उत्खनन पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट पेश की:
- भारी जुर्माना: वर्ष 2025-26 में अब तक अवैध खनिज गतिविधियों पर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का अर्थदंड (जुर्माना) लगाया जा चुका है।
- जब्ती: बड़ी संख्या में डंपर, वाहन और अवैध मशीनरी जब्त की गई है।
- निरीक्षण: कलेक्टर ने संवेदनशील क्षेत्रों में वन, पुलिस और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से सतत निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
⚖️ यातायात नियमों पर सख्ती
नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए अब सीहोर पुलिस कोई रियायत नहीं बरतेगी:
- लाइसेंस निलंबन: बार-बार नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे।
- चालानी कार्रवाई: ट्रैफिक बाधित करने और नियमों की अनदेखी पर स्पॉट फाइन की प्रक्रिया तेज होगी।
📊 क्विक डैशबोर्ड (District Report Card)
| सेक्टर | मुख्य निर्देश/उपलब्धि |
| दुर्घटना उपचार | ₹1.5 लाख तक निशुल्क इलाज (7 दिन) |
| हाईवे सुरक्षा | स्पीड रडार गन और हाई मास्ट लाइट की स्थापना |
| खनिज विभाग | ₹1.5 करोड़ से ज्यादा का अर्थदंड वसूला गया |
| ट्रैफिक | अतिक्रमण हटाओ मुहिम और पोल शिफ्टिंग |
संपादकीय टिप्पणी: प्रशासन का यह ‘डबल अटैक’—एक ओर सुरक्षा की गारंटी और दूसरी ओर माफियाओं पर आर्थिक चोट—जिले की व्यवस्था सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा।




