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सीहोर | मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में बढ़ती तपिश अब किसानों के लिए काल बन रही है। ग्राम चांदबढ़ में अचानक लगी भीषण आग ने एक किसान के सपनों को राख में बदल दिया। गेहूं की जो फसल कटने के लिए तैयार खड़ी थी, वह चंद मिनटों में धुएं का गुबार बन गई।
ग्रामीणों ने दिखाया साहस: ट्रैक्टर और पानी से लड़ी जंग
घटना के समय जब तक दमकल विभाग को सूचना मिलती, आग विकराल रूप ले चुकी थी। ऐसे में ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय दिया:
- ट्रैक्टर से घेराबंदी: किसानों ने ट्रैक्टर चलाकर आग के चारों ओर की जमीन जोत दी, ताकि आग आगे न फैल सके।
- सामूहिक प्रयास: पास के कुओं और पंपों से पाइप जोड़कर पानी का छिड़काव किया गया।
- कड़ी मशक्कत: घंटों की मेहनत के बाद ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग पर काबू पाया।
सुलग रहा है जिला: 1 हफ्ते में 9 से ज्यादा आगजनी की घटनाएं
सीहोर जिले में पिछले सात दिनों का आंकड़ा बेहद डराने वाला है। गर्मी का असर बढ़ते ही फसल जलने के मामले तेजी से बढ़े हैं।
इन गांवों में भी लगी आग: | गांव का नाम | स्थिति | | :— | :— | | निपानिया खुर्द & मोहाली | भारी नुकसान की आशंका | | बडबेली & नोनीखेड़ी | खड़ी फसल को नुकसान | | धाबोटी & चार मंडली | स्थानीय लोगों ने बुझाई आग | | गुड़भेला & इछावर | आगजनी की घटनाएं दर्ज | | झागरिया रोड | फायर ब्रिगेड ने समय रहते काबू पाया |
“तेज गर्मी और सूखी फसल के कारण आग बिजली की रफ्तार से फैल रही है। अगर समय पर काबू न पाया जाए, तो पूरा गांव इसकी चपेट में आ सकता है।” — स्थानीय ग्रामीण, चांदबढ़
सावधानी ही बचाव है
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी इस तबाही की वजह हो सकती है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों के पास ज्वलनशील पदार्थ न रखें और बिजली के ढीले तारों की सूचना तुरंत बिजली विभाग को दें।




