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सीहोर | जिला कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई उस समय अखाड़े में तब्दील हो गई, जब एक पारिवारिक विवाद को लेकर आए पति-पत्नी और उनके परिजन आपस में भिड़ गए। कलेक्ट्रेट परिसर में सरेआम हुई इस हाथापाई से वहां अफरा-तफरी मच गई, जिसे शांत कराने के लिए सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
विवाद की मुख्य वजह: ‘बिना तलाक दूसरी शादी’
पीड़ित महिला ने अधिकारियों के सामने अपना दुखड़ा सुनाते हुए गंभीर आरोप लगाए। महिला का कहना है कि:
- उसके पति ने उसे बिना तलाक दिए दूसरी महिला से शादी कर ली है।
- पति अब अपनी दूसरी पत्नी के साथ रह रहा है।
- महिला और उसके दो बच्चों को दर-दर भटकने के लिए छोड़ दिया गया है।
बहस से शुरू हुई बात और चलने लगे हाथ-पैर
जनसुनवाई के दौरान जब पति ने अपनी सफाई देना शुरू किया, तो पत्नी और उसके परिजन भड़क उठे। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। कलेक्ट्रेट जैसे सुरक्षित परिसर में हुई इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। सुरक्षाकर्मियों और वहां मौजूद कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया।
प्रशासनिक अपडेट: 60 आवेदनों पर हुई सुनवाई
हंगामे के बावजूद जनसुनवाई की प्रक्रिया जारी रही। जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| कुल आवेदक | लगभग 60 नागरिक |
| प्रमुख समस्याएं | भूमि विवाद, नामांतरण, पीएम आवास, पेंशन |
| अधिकारी का निर्देश | समय सीमा के भीतर शिकायतों का निराकरण करें |
अधिकारियों का रुख: सीईओ सर्जना यादव ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में आए सभी आवेदनों, विशेषकर भूमि और आपसी विवादों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
इन मुद्दों पर भी आए आवेदन:
जिला मुख्यालय के अलावा जनपद कार्यालयों में भी जनसुनवाई हुई, जहां मुख्य रूप से निम्नलिखित शिकायतें दर्ज की गईं:
- राजस्व मामले: नामांतरण, बंटवारा और मेढ़ विवाद।
- सरकारी योजनाएं: बीपीएल कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री आवास।
- अन्य: गन लाइसेंस, आर्थिक सहायता और मुआवजे से जुड़ी मांगें।




