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सीहोर | 31 मार्च, 2026 जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल पहुँचाने के संकल्प के साथ ‘जल जीवन मिशन’ के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले के 306 गांवों में नल-जल योजनाओं का कार्य पूरा कर लिया गया है, जिससे लगभग 87,000 परिवारों के घरों तक सीधे नल कनेक्शन पहुँच गए हैं।
📊 ब्लॉक अनुसार योजनाओं की स्थिति
जिले के 332 ग्रामों में एकल नल जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिनका विवरण निम्नानुसार है:
| ब्लॉक | स्वीकृत गांव | योजनाओं की स्थिति |
| सीहोर | 95 | अधिकांश कार्य पूर्ण |
| आष्टा | 93 | सुचारू संचालन जारी |
| बुधनी | 73 | कार्य पूर्ण एवं हस्तांतरित |
| इछावर | 46 | नल कनेक्शन क्रियाशील |
| भैरूंदा | 25 | अंतिम चरण की प्रक्रिया |
✅ मिशन अपडेट: अप्रैल 2026 तक का लक्ष्य
- पूर्ण कार्य: 332 में से 306 ग्रामों का कार्य शत-प्रतिशत पूरा।
- हस्तांतरण: 262 योजनाओं को ग्राम पंचायतों को सौंपा जा चुका है, 44 पर प्रक्रिया जारी है।
- आगामी लक्ष्य: शेष 26 गांवों का कार्य 90% पूरा हो चुका है, जिन्हें अप्रैल 2026 तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाएगा।
💧 जल गंगा संवर्धन अभियान: भू-जल स्तर सुधारने की पहल
पेयजल की निरंतरता बनाए रखने के लिए विभाग ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ पर भी विशेष ध्यान दे रहा है:
- स्त्रोत रिचार्ज: भू-जल को रिचार्ज करने के लिए जिले में 148 स्थलों का चयन किया गया है।
- जियो टैगिंग: सभी पेयजल स्त्रोतों की जियो टैगिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण।
- गुणवत्ता परीक्षण: स्कूलों और आंगनबाड़ियों के पेयजल की जांच फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से की जा रही है।
- रखरखाव: पाइप लाइन लीकेज रिपेयरिंग और पंप ऑपरेटरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।




