सीहोर | भारी आर्थिक संकट से जूझ रही सीहोर नगरपालिका ने अब टैक्स चोरों और बकायादारों को सबक सिखाने के लिए ‘गांधीगीरी’ के बजाय ‘ढोल नगाड़ों’ का सहारा लिया है। सोमवार को नगर पालिका का अमला ढोल बजाते हुए शहर के प्रमुख बकायादारों के दरवाजे पर दस्तक देने पहुंचा।
अभियान का पहला दिन: ढोल बजे, पर तिजोरी खाली
अभियान के पहले दिन नपा की टीम ने 6 बड़े बकायादारों के घर और दुकानों के सामने जमकर ढोल बजवाए।
- कार्रवाई: मछली बाजार की 3 दुकानों और वार्ड नंबर 24 के 3 घरों को निशाना बनाया गया।
- नतीजा: ढोल बजने के बावजूद पहले दिन वसूली का खाता शून्य (0) रहा। सभी बकायादारों ने भुगतान के लिए 10 दिन की मोहलत मांगी है।
नगरपालिका के बहीखाते का गणित
नगरपालिका को शहरवासियों से कुल 26 करोड़ रुपये वसूलने हैं, जिसका विवरण निम्नानुसार है:
| कर का प्रकार | बकाया राशि |
| संपत्ति कर (Property Tax) | ₹20 करोड़ |
| जलकर (Water Tax) | ₹05 करोड़ |
| दुकान किराया | ₹40 लाख |
| कुल बकाया | ₹26 करोड़ |




