Drnewsindia / दिनांक: 4 जनवरी, 2026
सीहोर/भैरूंदा: सीहोर जिले के बाबरी घाट पर शनिवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहाँ नर्मदा नदी में नहाने के दौरान दो सगे भाइयों की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों भाई अपने परिजनों के साथ घर लौटने के लिए नाव का इंतजार कर रहे थे।
कैसे हुआ हादसा? (घटनाक्रम)
रेहटी के महगांव जदीद निवासी शुभम (15) और विकास (16) अपने बड़े पापा भीम सिंह यदुवंशी के साथ बाबरी गांव में एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। उन्हें हरदा जिले के करताना जाना था।
- नाव का इंतजार: बाबरी घाट पर नाव आने में देरी हो रही थी। इसी बीच छोटा भाई शुभम नदी में नहाने उतर गया।
- बचाने की कोशिश: शुभम अचानक गहरे पानी में समा गया। उसे डूबता देख बड़ा भाई विकास अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़ा।
- दुखद अंत: पानी की गहराई अधिक होने और वहां बने गड्ढों के कारण दोनों भाई संभल नहीं पाए और एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में दोनों की जलसमाधि हो गई।
ग्रामीणों का आरोप: ‘रेत उत्खनन’ बना मौत का जाल
स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि:
“नर्मदा नदी में लगातार हो रहे रेत के अवैध उत्खनन के कारण नदी के तल में बड़े-बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। बाहर से पानी शांत दिखता है, लेकिन कदम रखते ही लोग सीधे गहराई में चले जाते हैं। प्रशासन की अनदेखी निर्दोष बच्चों की जान ले रही है।”
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी (SDOP) रवि शर्मा मौके पर पहुंचे।
- शवों की बरामदगी: ग्रामीणों की मदद से दोनों भाइयों के शवों को बाहर निकाल लिया गया है।
- पोस्टमार्टम: रविवार को भेरूंदा अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
- जांच जारी: प्रशासन ने घाट पर सुरक्षा इंतजामों और अवैध गड्ढों की जांच शुरू कर दी है।
सुरक्षा अलर्ट: नदी किनारे बरतें ये सावधानियां
- अंजान गहराई: कभी भी नदी के ऐसे घाट पर न उतरें जहाँ पानी की गहराई का अंदाजा न हो।
- अकेले न जाएं: पानी में उतरते समय हमेशा साथ में किसी अनुभवी व्यक्ति को रखें।
- गड्ढों से सावधान: खनन वाले क्षेत्रों में नदी का तल समतल नहीं होता, वहाँ उतरना जानलेवा हो सकता है।




