drnewsindia.com
सीहोर | 1 अप्रैल, 2026 जिले के निजी स्कूलों द्वारा वसूली जाने वाली मनमानी फीस और किताबों के खेल पर लगाम कसने के लिए कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाया है। नए आदेश के मुताबिक, अब कोई भी प्राइवेट स्कूल अपनी मर्जी से फीस तय नहीं कर सकेगा। पारदर्शिता लाने के लिए जिले के सभी निजी स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 की फीस संरचना शासन के पोर्टल पर सार्वजनिक करनी होगी।
⚠️ डेडलाइन: 10 अप्रैल तक का समय, वरना लगेगा भारी जुर्माना
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों को 10 अप्रैल 2026 तक निम्नलिखित जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी:
- ट्यूशन फीस (Tuition Fee) का पूरा विवरण।
- अन्य शुल्क (Other Charges) जो स्कूल वसूलते हैं।
- पूरी फीस संरचना (Fee Structure) का पारदर्शी ब्यौरा।
चेतावनी: जो स्कूल इस समय-सीमा का उल्लंघन करेंगे, उन पर फीस विनियमन अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जुर्माने की राशि स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या के आधार पर तय होगी।
📚 फर्जी ISBN किताबों पर भी गिरेगी गाज
फीस के साथ-साथ कलेक्टर ने किताबों के अवैध कारोबार को भी निशाने पर लिया है:
- फर्जी ISBN: कुछ स्कूलों में डुप्लीकेट या फर्जी ISBN वाली किताबें चलाए जाने की शिकायतें मिली हैं।
- जांच टीमें: जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष निगरानी समितियों का गठन किया गया है।
- 15 अप्रैल तक अभियान: 15 अप्रैल तक विशेष जांच अभियान चलाकर दोषियों (स्कूल, प्रकाशक और बुक सेलर्स) के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी के लिए त्रि-स्तरीय व्यवस्था
| स्तर | जिम्मेदारी |
| जिला स्तरीय समिति | पूरे जिले के स्कूलों की मॉनिटरिंग और कार्रवाई। |
| ब्लॉक स्तरीय समिति | स्थानीय स्तर पर स्कूलों का औचक निरीक्षण। |
| पोर्टल ट्रैकिंग | ऑनलाइन डेटा के माध्यम से फीस वृद्धि पर नज़र। |
अभिभावकों को मिलेगी बड़ी राहत
इस ऐतिहासिक फैसले का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को निजी स्कूलों के शोषण से बचाना है। अब अभिभावक प्रवेश से पहले ही पोर्टल पर स्कूल की आधिकारिक फीस देख सकेंगे, जिससे ‘हिडन चार्ज’ (Hidden Charges) के नाम पर होने वाली अवैध वसूली बंद होगी।




