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सीहोर | 23 मार्च, 2026 सीहोर शहर की नेहरू कॉलोनी में हुई सनसनीखेज चोरी की गुत्थी को थाना कोतवाली पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण (Cyber Analysis) की मदद से 4 शातिर आरोपियों को दबोचकर उनके कब्जे से 8 लाख रुपये के जेवरात और नकदी बरामद की है।
सूने मकान की रेकी कर दी थी वारदात को अंजाम
घटना 18 और 19 सितंबर 2025 की दरमियानी रात की है, जब नेहरू कॉलोनी स्थित एक सूने मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने सोने-चांदी के गहने साफ कर दिए थे। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
ऐसे हाथ लगे आरोपी (वैज्ञानिक अनुसंधान)
एसपी श्री दीपक कुमार शुक्ला के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
- तकनीकी डाटा: साइबर सेल ने तकनीकी डाटा का गहन विश्लेषण किया।
- मुखबिर तंत्र: शहर के दीवान बाग और गहलोत पूरा क्षेत्र के संदिग्धों पर नजर रखी गई।
- पूछताछ: संदेह के आधार पर जब असलम अंसारी और उसके साथियों को हिरासत में लिया गया, तो उन्होंने रेकी कर चोरी करना स्वीकार किया।
बरामद मशरूका (कीमत ~8 लाख रुपये)
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित कीमती आभूषण जब्त किए हैं:
- 01 सोने का हार
- 02 सोने की कान की चैन और 02 सोने के टॉप्स
- 03 सोने की अंगूठी और 02 सोने की नथ
- 01 सोने का टीका और 02 सोने के कंगन
- वारदात में चोरी की गई नकदी भी बरामद।
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल:
- असलम अंसारी (48 वर्ष): मुख्य आरोपी, निवासी दीवान बाग (सीहोर)।
- शाहिद अंसारी (24 वर्ष): निवासी दीवान बाग।
- फरजाना पठान (25 वर्ष): निवासी छोटा किला, आष्टा।
- अब्दुल सलाम (45 वर्ष): निवासी गहलोत पूरा, सीहोर।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस बड़ी सफलता में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र यादव, उपनिरीक्षक रामबाबू राठौर, पुरुषोत्तम दाँगी, सायबर सेल से मृत्युंजय तिवारी, शैलेंद्र सिंह राजपूत और पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




