सीहोर: “भव सागर से तरने का मार्ग दिखाती है राम कथा” – महंत उद्धवदास महाराज

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सीहोर। शहर के विश्वनाथपुरी स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर परिसर में नौ दिवसीय भव्य संगीतमय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन महंत उद्धवदास महाराज ने राम नाम की महिमा का बखान करते हुए कहा कि भगवान राम से भी अधिक शक्तिशाली उनका नाम है, जिसके सुमिरन मात्र से जीवन के बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं।

कलश यात्रा के साथ हुआ मंगल प्रवेश

कथा के शुभारंभ पर अवधपुरी स्थित पशुपतिनाथ मंदिर से एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। सिर पर मंगल कलश धारण किए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जय श्री राम के जयघोष के साथ मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल पहुंचे, जहाँ समिति द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

सत्संग: मन के विकारों को धोने का ‘साबुन’

महंत जी ने युवाओं में कम होती धर्म के प्रति रुचि पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि:

  • जिस प्रकार कपड़ों की गंदगी साफ करने के लिए साबुन चाहिए, वैसे ही मन के विकारों को दूर करने के लिए सत्संग अनिवार्य है।
  • रामचरितमानस जीवन जीने की कला सिखाती है और हमें धैर्य व विनम्रता का पाठ पढ़ाती है।
  • जीवन अनिश्चित है, यहाँ कभी भी कुछ भी हो सकता है; ऐसे में राम नाम ही एकमात्र सहारा है।

रामचरितमानस के 7 कांड: सप्त पुरी का स्वरूप

कथा व्यास ने बताया कि श्रीरामचरितमानस के 7 कांड वास्तव में ‘सप्त पुरी’ का स्वरूप हैं। हर मनुष्य को प्रतिदिन मानस का पाठ करना चाहिए, क्योंकि यह ग्रंथ न केवल पुण्य प्रदान करता है बल्कि विपरीत परिस्थितियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।

प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से आयोजन

श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर समिति (विश्वनाथपुरी, सीवन स्काय के पास) ने जानकारी दी कि:

  • कथा प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
  • समिति ने सभी क्षेत्रवासियों से सपरिवार कथा में सम्मिलित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।

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