भ्रष्टाचार और अपमान का आरोप, रैली निकालकर CM के नाम सौंपा ज्ञापन
Drnewsindia.com/सीहोर | मंगलवार
सीहोर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जिलेभर से पहुंचे कोटवारों ने सरकार द्वारा दी गई नई वर्दी का खुलकर विरोध किया। कोटवारों ने नई वर्दी को पहनने से इनकार करते हुए बहिष्कार की घोषणा की और कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान कोटवारों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
रैली के दौरान कोटवारों ने “वर्दी में भ्रष्टाचार नहीं चलेगा”, “कोटवार नई वर्दी नहीं पहनेगा” जैसे नारे लगाए।
“नई वर्दी अपमानजनक और हतोत्साहित करने वाली”
कोटवारों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें पुलिस जैसी वर्दी देकर सम्मान दिया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार की नई वर्दी कोटवारों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली है।
कोटवारों ने आरोप लगाया कि नई वर्दी में गुणवत्ता की भारी कमी है और इसे पहनकर वे “गांव के शैतान” जैसे दिखेंगे, जो उनके पद की गरिमा के विपरीत है।
CM और राजस्व मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
मध्य प्रदेश ग्राम कोटवार संघ के जिलाध्यक्ष छगनलाल मालवीय के नेतृत्व में जिले के विभिन्न तहसीलों से आए कोटवारों ने
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के नाम तहसीलदार अमित सिंह को ज्ञापन सौंपा।
कोटवारों की प्रमुख मांगें
ज्ञापन में कोटवारों ने निम्न मांगें प्रमुखता से रखीं—
- रेडीमेड वर्दी को गुणवत्ताहीन बताते हुए अस्वीकार
- पहले की तरह वर्दी का पैसा, कपड़ा और सिलाई का खर्च सीधे बैंक खाते में देने की मांग
- सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली ₹1 लाख की राशि बिना देरी के देने
- सेवानिवृत्त कोटवार के पद पर परिजन को शीघ्र नियुक्ति
- कोटवारों की किसान आईडी बनवाने की मांग
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पात्रता शामिल करने की मांग
- दबंगों के कब्जे से कोटवारों की भूमि मुक्त कराने की मांग
- वेतन हर माह तय तारीख पर देने की व्यवस्था
- वर्ष 2023 में घोषित ₹500 वेतन वृद्धि को पूरा करने की मांग
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कोटवारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे राज्य स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।




