सीहोर में भक्ति का सैलाब: सहस्त्र चंडी महायज्ञ के समापन पर उमड़े हजारों श्रद्धालु, 108 विप्रजनों का हुआ सम्मान

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समापन के समय पूर्णाहुति या 108 ब्राह्मणों के सम्मान की फोटो लगाएं।

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सीहोर | 28 जनवरी, 2026

सीहोर के प्राचीन करोली माता मंदिर में आयोजित ऐतिहासिक सहस्त्र चंडी महायज्ञ का दस दिनों के आध्यात्मिक अनुष्ठान के बाद भव्य समापन हुआ। माघ गुप्त नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस दिव्य आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर धर्म लाभ लिया।

विप्रजनों का सम्मान और आभार

महायज्ञ के अंतिम दिन कार्यक्रम के अध्यक्ष विवेक राठौर, मुख्य यजमान तरुण राठौर, यज्ञाचार्य पंडित महादेव शर्मा और मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया ने अनुष्ठान को पूर्ण कराने वाले 108 विप्रजनों का शाल-श्रीफल से सम्मान किया।

अध्यक्ष विवेक राठौर ने शहरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा:

“जिले के इतिहास में यह पहली बार है जब इतना भव्य और समावेशी महायज्ञ हुआ। इसमें सभी समाजों, संगठनों और क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक बन सका।”

सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल

इस महायज्ञ की सबसे बड़ी विशेषता सामाजिक एकता रही। सनातन धर्म को जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस अनुष्ठान में:

  • चारों वर्णों के यजमानों को शामिल किया गया।
  • सभी समाजों के लोगों ने एक साथ एक पंगत में बैठकर भोजन ग्रहण कर समरसता का संदेश दिया।

इन संगठनों का रहा विशेष सहयोग

मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया के अनुसार, इस आयोजन को सफल बनाने में 100 से अधिक संगठनों की सक्रिय भूमिका रही, जिनमें प्रमुख हैं:

  • प्रमुख दल: RSS, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, राष्ट्रीय बजरंग दल।
  • समितियां: श्री बिटुलेश सेवा समिति, माधव महांकाल आरोग्य समिति, संडे का सुकुन, मानव आधार सेवा समिति, सिद्धिविनायक सेवा समिति।
  • स्थानीय मंडल: माँ कालका उत्सव समिति, जय माता दी दुर्गा उत्सव समिति, श्री राम भक्त हनुमान मण्डल, नव दुर्गा उत्सव समिति (कोतवाली), और सिंधी कॉलोनी की जय झूलेलाल समिति।

प्रशासनिक सहयोग और जन-आस्था: आयोजन समिति ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग की भी सराहना की, जिन्होंने भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखा।

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