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सीहोर / मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सीहोर जिले में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। नर्मदा और पार्वती नदियों में हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। सुबह से ही भक्त घाटों पर पहुंचने लगे और देर शाम तक स्नान का सिलसिला चलता रहा।
एकादशी पड़ने के कारण कई श्रद्धालु मकर संक्रांति का पर्व बुधवार और गुरुवार—दोनों दिन मना रहे हैं।
घाटों पर सुबह से रही भारी भीड़
नर्मदा नदी के बुधनी, आवली घाट, नीलकंठ सहित कई प्रमुख घाटों पर सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी।
श्रद्धालु वाहनों और पैदल यात्रा कर घाटों तक पहुंचे।
स्नान, दान और पूजा-अर्चना का क्रम पूरे दिन चलता रहेगा।
गुड़-तिल का विशेष महत्व
मकर संक्रांति पर गुड़ और तिल का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
स्नान के बाद श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे हैं और एक-दूसरे को तिल-गुड़ के लड्डू बांट रहे हैं।
कई भक्तों ने पवित्र स्नान के बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ भी किया।
सूर्य उपासना का पर्व है मकर संक्रांति
अंक ज्योतिष पंडित गणेश शर्मा के अनुसार,
मकर संक्रांति सूर्य उपासना का पर्व है।
उन्होंने बताया कि—
संक्रांति आज दोपहर 3 बजे से शुरू हुई है, जो गुरुवार दोपहर 2 बजे तक रहेगी।
इसी कारण सूर्योदय काल के अनुसार 15 जनवरी को मकर संक्रांति का मुख्य पर्व मनाया जाएगा।




