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सीहोर (मध्य प्रदेश)। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने सीहोर जिले को ठिठुरा दिया है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर का आलम यह है कि अब ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील होने लगी हैं। जिले के ग्राम बिजोरी से आई तस्वीरों ने सबको हैरान कर दिया है, जहाँ पौधों और फसलों पर बर्फ की सफेद चादर साफ देखी जा सकती है।
सीजन में तीसरी बार 4 डिग्री के नीचे पारा
सीहोर में ठंड इस समय अपने चरम पर है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार:
- न्यूनतम तापमान: 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- तीसरी बार गिरावट: इस सीजन में यह तीसरी बार है जब पारा 4 डिग्री के नीचे लुढ़का है (इससे पहले 17 दिसंबर को 3.9°C और 28 दिसंबर को 3.8°C रहा था)।
- पिछला रिकॉर्ड: हालांकि पिछले साल के मुकाबले ठंड अभी कम है; 8 जनवरी 2024 को तापमान 1.8 डिग्री तक गिर गया था।
कोहरा हटा, पर बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल
जनवरी की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई थी, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई थी। अब आसमान तो साफ हो गया है और कोहरा छंट गया है, लेकिन उत्तरी हवाओं ने ‘कोल्ड वेव’ (शीतलहर) का प्रभाव बढ़ा दिया है। तीखी धूप के बावजूद हवाओं में मौजूद गलन लोगों को घर में दुबकने पर मजबूर कर रही है।
किसानों की बढ़ी चिंता: फसलों पर ‘पाले’ का खतरा
तापमान में आई इस भारी गिरावट ने जिले के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
- बर्फ का जमाव: फसलों पर ओस की बूंदें जमने से ‘पाले’ (Frost) की स्थिति बन रही है।
- नुकसान की आशंका: छोटे पौधों और संवेदनशील फसलों के लिए यह जमाव काफी नुकसानदायक हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रात में फसलों की हल्की सिंचाई करने और धुंआ करने की सलाह दी है।
प्रमुख बिंदु एक नजर में:
| विवरण | आंकड़े/स्थिति |
| वर्तमान न्यूनतम तापमान | 3.9°C |
| सबसे कम तापमान (सीजन) | 3.8°C (28 दिसंबर) |
| प्रभावित क्षेत्र | पूरा जिला (विशेषकर बिजोरी और ग्रामीण क्षेत्र) |
| मुख्य कारण | उत्तरी दिशा से आने वाली बर्फीली हवाएं |




