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सीहोर / सीहोर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का कार्य 1 अप्रैल से 5 मई तक संचालित किया जाएगा। कलेक्टर बालागुरू के. ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रमुख निर्देश और रणनीतियां
- अवैध परिवहन पर रोक: पड़ोसी जिलों से आने वाले गेहूं के अवैध परिवहन और बिक्री को रोकने के लिए कलेक्टर ने सख्त चेतावनी दी है। सभी SDM और तहसीलदारों को अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।
- मंडियों में निगरानी: मंडियों और उप-मंडियों में गेहूं की आवक पर विशेष नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- पारदर्शिता हेतु ‘सील’ होंगे धर्मकांटे: उपार्जन कार्य शुरू होने से पहले सभी धर्मकांटों का कैलिब्रेशन (सत्यापन) अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए उनके CPU को सील किया जाएगा।
- उपकरणों का सत्यापन: नाप-तौल उपकरणों और धर्मकांटों का प्रमाणीकरण अनिवार्य है। यह नियम सभी सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और भंडारण केंद्रों पर लागू होगा।
महत्वपूर्ण तिथियां और जानकारी
| विवरण | तिथि / विवरण |
| उपार्जन अवधि | 1 अप्रैल से 5 मई तक |
| मुख्य लक्ष्य | किसानों को सही मूल्य दिलाना और कालाबाजारी रोकना |
| जिम्मेदार अधिकारी | SDM, तहसीलदार और मंडी सचिव |
कलेक्टर का संदेश: “उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।”




