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सीहोर | 23 मार्च, 2026 जिले में रबी सीजन की फसलों के उपार्जन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने सोमवार को जिला उपार्जन समिति की बैठक लेकर 01 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीदी और भावांतर भुगतान योजना के तहत सरसों उपार्जन की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए।
खरीदी केंद्रों पर मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी निर्धारित केंद्रों पर तौल कांटे, बारदाना और परिवहन की समयबद्ध व्यवस्था की जाए। साथ ही, भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर:
- शुद्ध पेयजल की उपलब्धता।
- किसानों के बैठने के लिए छायादार व्यवस्था।
- ऑनलाइन सिस्टम और पारदर्शी भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
बैठक में जोर दिया गया कि गेहूं और सरसों की खरीदी केवल निर्धारित मानकों (एफएक्यू) के अनुसार ही की जाए। इसके लिए गुणवत्ता परीक्षण की मजबूत व्यवस्था करने और केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वयं सहायता समूह की दीदियों को मिलेगा प्रशिक्षण
एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कलेक्टर ने उपार्जन कार्य में स्वयं सहायता समूह की दीदियों को शामिल करने और उन्हें इसके लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और पारदर्शिता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
खाद की उपलब्धता और भंडारण
उपार्जन के साथ-साथ आगामी सीजन के लिए जिले में पर्याप्त खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया। खरीदी गई फसल के सुरक्षित भंडारण और समय पर उठाव (Transport) के लिए वेयरहाउसिंग और मार्केटिंग विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ये रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में कृषि उप संचालक श्री अशोक उपाध्याय, जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती रेशमा भामोर, सहकारिता उप पंजीयक श्री सुधीर कैथवास, वेयर हाउस शाखा प्रबंधक श्री एमएल सूर्यवंशी और जिला विपणन अधिकारी श्री नीरज भार्गव सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।




