सीहोर: 10 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की खरीदी, कलेक्टर का सख्त निर्देश- ‘केंद्रों पर बारदानों की कमी हुई तो होगी कार्रवाई’

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drnewsindia.com

सीहोर | जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन (Wheat Procurement) की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने स्पष्ट कर दिया है कि 10 अप्रैल से शुरू होने वाली खरीदी प्रक्रिया में किसानों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। इस बार जिले में गेहूं के पंजीयन में 116 प्रतिशत और रकबे में 111 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

बारदानों की उपलब्धता पर फोकस

उपार्जन समिति की बैठक में कलेक्टर ने सबसे अधिक जोर बारदानों पर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्रों पर बारदानों का स्टॉक पर्याप्त रहे और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। गौरतलब है कि राजनीतिक गलियारों में बारदानों की कमी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन का यह निर्देश काफी अहम माना जा रहा है।


उपार्जन केंद्र: किसानों के लिए क्या होंगी सुविधाएं?

कलेक्टर ने केंद्रों पर ‘किसान मित्र’ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाओं के निर्देश दिए हैं:

  • बुनियादी सुविधाएं: स्वच्छ पेयजल, बैठने के लिए छायादार स्थान और साफ-सफाई।
  • तकनीकी तैयारी: तौल कांटे, नमी मापक यंत्र, इंटरनेट कनेक्टिविटी और एल-1 बायोमेट्रिक डिवाइस।
  • सुरक्षा: फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम और प्राथमिक उपचार (First-Aid) किट की उपलब्धता।
  • हम्माली: अनाज की लोडिंग-अनलोडिंग के लिए पर्याप्त श्रमिकों की व्यवस्था।

भीड़ से बचने के लिए ‘स्लॉट बुकिंग’ अनिवार्य

खरीदी केंद्रों पर अनावश्यक अफरा-तफरी न हो, इसके लिए कलेक्टर ने स्लॉट बुकिंग के आधार पर ही किसानों को बुलाने के निर्देश दिए हैं। किसानों को उनके निर्धारित समय पर ही केंद्र पहुंचना होगा। साथ ही, गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा; केवल निर्धारित मापदंडों पर खरा उतरने वाला गेहूं ही खरीदा जाएगा।


अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने दो-टूक कहा कि:

“उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए। यदि किसी भी केंद्र पर अनियमितता, लापरवाही या किसानों की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”


बैठक में ये रहे मौजूद

समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारी शामिल रहे, जिनमें कृषि उप संचालक श्री अशोक उपाध्याय, जिला विपणन अधिकारी श्री नीरज भार्गव, जिला आपूर्ति अधिकारी श्रीमती रेशमा भामोर और नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक श्री विवेक रंगारी प्रमुख थे।

किसान भाइयों के लिए सुझाव: अपनी उपज मंडी ले जाने से पहले स्लॉट बुक करें और सुनिश्चित करें कि गेहूं में नमी की मात्रा निर्धारित मानक के अनुसार ही हो।

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