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सीहोर। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जिले में बड़े बकायादारों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। सीहोर और आष्टा संभाग में 48 लाख रुपये से अधिक की राशि वसूलने के लिए विभाग ने कई गांवों के ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी है। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है, वहीं कंपनी अब शिविरों के माध्यम से वसूली और राहत दोनों पर ध्यान दे रही है।
इन गांवों में छाया अंधेरा: सीहोर और आष्टा संभाग प्रभावित
विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बकाया राशि जमा न होने पर कठोर कदम उठाए गए हैं:
- सीहोर संभाग: कुड़ी, बिछौली और मोहनपुरा जैसे गांवों में 15.69 लाख रुपये का शत-प्रतिशत बकाया होने के कारण ट्रांसफार्मर बंद कर दिए गए हैं।
- आष्टा संभाग: यहाँ स्थिति और भी गंभीर है। शंकरपुर, भीलखेड़ी, कोठरी, निपानिया, छापर, देहमत, हुसेनपुरखेड़ी, चिन्नौटा, अरोलिया, खड़ी, छायन और भानाखेड़ी सहित कई गांवों पर 32.61 लाख रुपये का बकाया है, जिसके चलते बिजली सप्लाई रोक दी गई है।
उपभोक्ताओं के लिए राहत ‘समाधान योजना’ की अवधि बढ़ी
बिजली गुल होने से परेशान ग्रामीणों के लिए विभाग ने एक मौका भी दिया है। कंपनी ने ‘समाधान योजना’ के पहले चरण की समय-सीमा बढ़ाकर 31 जनवरी कर दी है।
खास बात: इस योजना के तहत बकाया बिलों के निपटान पर विशेष छूट और आसान किस्तों की सुविधा दी जा रही है।
वसूली के लिए विभाग की रणनीति
कंपनी केवल कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि उपभोक्ताओं तक पहुँचने के लिए निम्नलिखित प्रयास भी कर रही है:
- जागरूकता शिविर: पीपलिया, सलारसी, हकीमपुर, नीलबड़ और मिट्टूपुरा जैसे गांवों में शिविर लगाकर लोगों को योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
- डायरेक्ट कॉलिंग: जिन उपभोक्ताओं पर 1 लाख रुपये से अधिक का बकाया है, उन्हें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीधे फोन कर भुगतान के लिए कहा जा रहा है।
- चेतावनी: विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक बकाया राशि का भुगतान या समाधान योजना के तहत पंजीकरण नहीं होता, तब तक आपूर्ति बहाल करना संभव नहीं होगा।




