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प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में ‘आपदा प्रबंधन’ पर विशेष प्रशिक्षण; 60 कैडेट्स ने सीखी सीपीआर (CPR) और प्री-हॉस्पिटल ट्रीटमेंट तकनीक
सीहोर | 11 फरवरी, 2026
कलेक्टर कार्यालय के निर्देशों के तहत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (चंद्रशेखर आज़ाद शासकीय अग्रणी महाविद्यालय) में आज आपदा प्रबंधन पर एक उच्च स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 11वीं बटालियन NDRF, वाराणसी की विशेषज्ञ टीम ने एनसीसी कैडेट्स को आपातकालीन स्थितियों में देवदूत बनने का प्रशिक्षण दिया।

वाराणसी से आई NDRF टीम का ‘एक्शन प्लान’
NDRF टीम के इंस्पेक्टर श्री निलेश दीवानिया और उनकी टीम ने कैडेट्स को बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय अनुशासन और तकनीक से कैसे जान बचाई जा सकती है।
- महत्वपूर्ण सावधानियां: टीम ने भूकंप, भीषण आगजनी और अन्य प्राकृतिक व मानव निर्मित आपदाओं के दौरान बचाव के व्यावहारिक तरीके बताए।
- मार्गदर्शन: कार्यक्रम महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. शीलचंद्र गुप्ता के संरक्षण और एनसीसी प्रभारी लेफ्टिनेंट डॉ. कमलेश अहिरवार की देखरेख में संपन्न हुआ।
जीवन रक्षक तकनीकें (Practical Drills)
प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक नहीं था, बल्कि विशेषज्ञों ने कैडेट्स को मैदान पर कई तकनीकों का सजीव प्रदर्शन (Live Demo) भी दिखाया:
- सीपीआर (CPR): दिल का दौरा पड़ने या सांस रुकने पर व्यक्ति को फिर से जीवित करने की तकनीक।
- फायर फाइटिंग ड्रिल: आग पर काबू पाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के तरीके।
- प्री-हॉस्पिटल ट्रीटमेंट: अस्पताल पहुँचने से पहले घायल को दिया जाने वाला प्राथमिक उपचार।
- त्वरित प्रतिक्रिया: आपात स्थिति में कम से कम समय में सुरक्षित और प्रभावी कदम कैसे उठाएं।
“साहस और नेतृत्व का विकास”
इस प्रशिक्षण में लगभग 60 एनसीसी कैडेट्स ने पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा लिया। महाविद्यालय प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से कैडेट्स में साहस, अनुशासन और संकट के समय नेतृत्व करने की भावना सुदृढ़ होती है।




