रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य निलेश श्रीवास्तव बिफरे; बोले— “यात्रियों की जान से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं”
drnewsindia.com / भोपाल
भोपाल के पास स्थित सूखी सेवनिया रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने यात्रियों की रूह कंपा दी। रेलवे प्रशासन की एक भारी चूक की वजह से सैकड़ों यात्री मुख्य रेलवे ट्रैक पर मौत के साए में खड़े होने को मजबूर हो गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
📍 क्या है पूरा मामला?
घटना सुबह लगभग 8:30 बजे की है। स्टेशन पर भोपाल मेमो (MEMU) ट्रेन के आगमन की घोषणा की गई। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार प्लेटफॉर्म पर खड़े थे, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली:
- प्लेटफॉर्म पर मालगाड़ी का कब्जा: प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2, दोनों की पटरियों पर पहले से ही मालगाड़ियां खड़ी थीं।
- ट्रैक पर खड़े हुए यात्री: ट्रेन के आने की घोषणा सुनते ही यात्री असमंजस में पड़ गए और अपनी जान जोखिम में डालकर मुख्य रेलवे ट्रैक (Main Line) पर जाकर खड़े हो गए।
- टला बड़ा हादसा: यात्रियों के अनुसार, यदि उस समय मुख्य ट्रैक पर कोई दूसरी तेज रफ्तार ट्रेन आ जाती, तो एक भीषण रेल दुर्घटना घटित हो सकती थी।

⚖️ “जवाबदेही तय हो और कार्रवाई हो”— निलेश कुमार श्रीवास्तव
रेलवे सलाहकार समिति (DRUCC) के सदस्य श्री निलेश कुमार श्रीवास्तव ने इस घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इसे रेलवे की संवेदनहीनता करार देते हुए कहा:
“बिना प्लेटफॉर्म सुनिश्चित किए ट्रेन के आगमन की घोषणा करना यात्रियों को सीधे मौत के मुंह में धकेलने जैसा है। इस तरह की लापरवाही कतई स्वीकार्य नहीं है। मैं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार स्टेशन स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की मांग करता हूँ।”
उन्होंने आगे कहा कि रेलवे को यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहिए और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
📹 वीडियो ने खोली पोल
मौके पर मौजूद एक सतर्क यात्री ने इस पूरी लापरवाही का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मालगाड़ियों के बीच फंसे यात्री अपनी ट्रेन पकड़ने के लिए जान की बाजी लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा कर लोग रेल मंत्री और जीएम (GM) से दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।




